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यंग इंडियंस रायपुर का आयोजन कल, अंतरराष्ट्रीय पैरा एथलीट ईश्वरी निषाद और कलाराम पटेल होंगे सम्मानित

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दिव्य उत्सव 4.0: हुनर, हौसले और आत्मनिर्भरता का मंच बनेंगे 350 दिव्यांग बच्चे

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के मुख्य अतिथि के रूप में होंगे शामिल

रायपुर, 16 अक्टूबर। दिव्यांगता को कमजोरी नहीं, बल्कि क्षमता और प्रतिभा के नजरिये से देखने का संदेश देने के लिए यंग इंडियंस (वाईआई) रायपुर एक बार फिर विशेष पहल करने जा रहा है। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के अभिन्न अंग यंग इंडियंस रायपुर की ओर से शनिवार, 17 अक्टूबर को ‘दिव्य उत्सव 4.0’ का आयोजन किया जाएगा। ओमाया गार्डन स्थित मैजेस्टिक हॉल में होने वाले इस आयोजन में रायपुर के विभिन्न विद्यालयों के करीब 350 दिव्यांग विद्यार्थी अपनी प्रतिभा, रचनात्मकता और हुनर का प्रदर्शन करेंगे। इस वर्ष उत्सव की थीम ‘साहस जो पीढ़ियों को प्रेरित करे’ रखी गई है।

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वाईआई रायपुर की समावेशी पहल के तहत आयोजित यह उत्सव दिव्यांग बच्चों को अपनी प्रतिभा सामने लाने का अवसर देने के साथ समाज को उनकी क्षमताओं को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए समान अवसर उपलब्ध कराने का संदेश देगा। कार्यक्रम में बच्चे सांस्कृतिक और रचनात्मक प्रस्तुतियां देंगे। इसके साथ ही वे अपने हाथों से तैयार किए गए उत्पादों के स्टॉल भी लगाएंगे। इन स्टॉलों के माध्यम से बच्चों की रचनात्मकता, कौशल और उद्यमशीलता देखने को मिलेगी।

पैरा एथलीटों की उपलब्धियां बढ़ाएंगी बच्चों का हौसला

दिव्य उत्सव में छत्तीसगढ़ के दो पैरा एथलीटों को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व कर चुकीं ईश्वरी निषाद और पैरा एथलीट कलाराम पटेल की उपलब्धियां इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहेंगी। दोनों खिलाड़ियों की संघर्षपूर्ण यात्रा और खेल के मैदान में हासिल की गई सफलताएं दिव्यांग बच्चों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगी।

महिला टी-11 श्रेणी की पैरा एथलीट ईश्वरी निषाद ने वर्ष 2022 में दुबई में आयोजित वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री की 400 मीटर दौड़ में रजत पदक हासिल किया था। इसके बाद वर्ष 2023 में चीन के हांगझोऊ में आयोजित एशियन पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया। वर्ष 2026 की राष्ट्रीय पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी उन्होंने 200 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।

वहीं पुरुष टी-13 श्रेणी के पैरा एथलीट कलाराम पटेल ने वर्ष 2025 की राष्ट्रीय पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में लंबी कूद में 6.55 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक जीता था। वर्ष 2024 की राष्ट्रीय चैंपियनशिप में उन्होंने लंबी कूद और 100 मीटर दौड़ में दोहरे स्वर्ण पदक हासिल किए। इसके अलावा खेलो इंडिया पैरा गेम्स 2025 की 100 मीटर दौड़ में उन्होंने कांस्य पदक जीता। दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धियां यह साबित करती हैं कि दृढ़ इच्छाशक्ति, निरंतर मेहनत और अवसर मिलने पर चुनौतियों को सफलता में बदला जा सकता है।

आत्मनिर्भरता की दिशा में भी पहल

दिव्य उत्सव केवल सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और सम्मान समारोह तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दिव्यांग बच्चों की आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने पर भी जोर देगा। बच्चों की ओर से तैयार किए गए उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री के लिए स्टॉल लगाए जाएंगे। इससे उन्हें अपने हुनर को प्रदर्शित करने, लोगों से संवाद करने और अपने काम को व्यापक पहचान दिलाने का अवसर मिलेगा।

वाईआई रायपुर की समावेशी पहल के अंतर्गत दिव्यांग बच्चों के साथ त्योहार मनाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आत्मनिर्भर आजीविका की दिशा में पांच लाभार्थियों को बैटरी चालित स्वचालित व्हीलचेयर प्रदान की गई हैं। यह पहल दिव्यांगजनों की गतिशीलता बढ़ाने और उनके दैनिक जीवन को अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

इसके अलावा दिव्यांग बच्चों के लिए कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण की पहल और रायपुर के संग्रहालयों में सुगम्यता का सर्वेक्षण भी वाईआई रायपुर के प्रयासों में शामिल है। इन गतिविधियों का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों और सुविधाओं को दिव्यांगजनों के लिए अधिक सुलभ बनाना है, ताकि वे स्वतंत्र रूप से सामाजिक गतिविधियों में भाग ले सकें।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के शामिल होने की संभावना

आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने की संभावना है। रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल के भी आयोजन में शामिल होने की संभावना जताई गई है। यंग इंडियंस रायपुर के चेयर पंकज सोमानी और वाईआई के सदस्य भी कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे। आयोजन के दौरान मीडिया को बच्चों की प्रस्तुतियों, हस्तनिर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी और सम्मान समारोह को कवर करने का अवसर मिलेगा।

‘प्रतिभा को सही मंच मिले, तो सफलता की सीमाएं बदल जाती हैं’

यंग इंडियंस रायपुर के चेयर पंकज सोमानी ने कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक पहचान इस बात से होती है कि वह प्रत्येक व्यक्ति की क्षमता को कितना पहचानता है और उसे आगे बढ़ने के कितने अवसर देता है। दिव्य उत्सव इसी सोच को साकार करने का प्रयास है। इसका उद्देश्य ऐसे मंच का निर्माण करना है, जहां बच्चों की प्रतिभा को पहचान मिले और वे अपनी क्षमताओं के दम पर आगे बढ़ सकें।

उन्होंने कहा कि ईश्वरी निषाद और कलाराम पटेल की प्रेरणादायक यात्राएं बताती हैं कि जब प्रतिभा को सही मंच मिलता है, तो उसका प्रभाव व्यक्तिगत उपलब्धियों से कहीं आगे तक पहुंचता है। समाज को केवल प्रेरणादायक कहानियों का उत्सव मनाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उनसे सीख लेकर समावेशिता की भावना को अपने व्यवहार और कार्यों में भी उतारना चाहिए।

दिव्य उत्सव 4.0 के माध्यम से वाईआई रायपुर ने यह संदेश देने का प्रयास किया है कि दिव्यांग बच्चों को सहानुभूति से अधिक अवसर, प्रोत्साहन और सम्मान की जरूरत है। उनकी प्रतिभा को उचित मंच देकर न केवल उनका आत्मविश्वास बढ़ाया जा सकता है, बल्कि एक ऐसे समाज की नींव भी मजबूत की जा सकती है, जहां हर व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर मिले।

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