दिल्ली में SIR, EVM और चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन को लेकर मुख्यमंत्री ने साधा निशाना, कहा– चुनाव हंगामे से नहीं, जनता का दिल जीतने से जीते जाते हैं
रायपुर। छत्तीसगढ़ के राज्य स्थापना दिवस के मौके पर प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दिल्ली में SIR, EVM और चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष के प्रदर्शन पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जब पूरा छत्तीसगढ़ अपना स्थापना दिवस मना रहा था, तब विपक्ष के नेताओं का प्रदेश से बाहर रहकर संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य स्थापना दिवस छत्तीसगढ़ के गौरव, स्वाभिमान और सामूहिक संघर्षों की याद दिलाने वाला ऐतिहासिक अवसर है। ऐसे दिन प्रदेश की जनता के बीच रहने और उत्सव में सहभागी बनने के बजाय राजनीतिक प्रदर्शन को प्राथमिकता देना विपक्ष की सोच को दर्शाता है।
SIR और EVM पर सवालों को बताया विपक्ष की हताशा
मुख्यमंत्री ने कहा कि SIR, EVM और चुनाव आयोग जैसे संवैधानिक एवं चुनावी विषयों को लेकर लगातार सवाल खड़े करने से लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास का माहौल बनता है। उन्होंने विपक्ष को नसीहत देते हुए कहा कि संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने के बजाय राजनीतिक दलों को जनता के बीच जाकर अपने काम और नीतियों के आधार पर विश्वास अर्जित करना चाहिए।
चुनाव जीतने के लिए जनता का दिल जीतना जरूरी
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है और उसका फैसला ही अंतिम होता है। यदि जनता किसी राजनीतिक दल को समर्थन नहीं दे रही है, तो उसे चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाने के बजाय जनता की अपेक्षाओं को समझना चाहिए।
उन्होंने कहा कि चुनाव केवल हंगामे और आरोप-प्रत्यारोप से नहीं जीते जाते। इसके लिए जनता के सुख-दुख में सहभागी बनना, उनकी समस्याओं को समझना और विकास एवं कल्याण के लिए समर्पित होकर काम करना पड़ता है।
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद छत्तीसगढ़ की सियासत में विपक्ष की भूमिका और चुनावी संस्थाओं की विश्वसनीयता को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने के आसार हैं।
