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महादेव सट्टा ऐप केस: सौरभ चंद्राकर 8 दिन की CBI रिमांड पर, 12 नवंबर को फिर कोर्ट में होगी पेशी

करीब 6 हजार करोड़ रुपये के कथित सट्टा घोटाले में CBI की बड़ी कार्रवाई, ओमान से प्रत्यर्पण के बाद रायपुर की विशेष अदालत में किया गया पेश; नेटवर्क, आर्थिक लेन-देन और अन्य आरोपियों की भूमिका पर होगी पूछताछ

रायपुर। बहुचर्चित महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी के बाद जांच ने नया मोड़ ले लिया है। ओमान से प्रत्यर्पण के जरिए भारत लाए गए सौरभ चंद्राकर को रायपुर की CBI विशेष अदालत में पेश किया गया। अदालत ने निर्धारित शर्तों के आधार पर उसे 8 दिन की CBI रिमांड पर भेजने का आदेश दिया है। अब CBI उससे महादेव सट्टा ऐप के पूरे नेटवर्क, करोड़ों रुपये के कथित आर्थिक लेन-देन और इस कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका को लेकर पूछताछ करेगी। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद सौरभ चंद्राकर को 12 नवंबर को दोबारा अदालत में पेश करना होगा।

करीब 6 हजार करोड़ रुपये के कथित महादेव सट्टा घोटाले में सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी को जांच एजेंसियों के लिए अहम घटनाक्रम माना जा रहा है। CBI अब यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि ऑनलाइन सट्टे का नेटवर्क किन-किन राज्यों और देशों तक फैला था, इसके संचालन में किन लोगों की भूमिका थी और कथित तौर पर अर्जित रकम का लेन-देन किन माध्यमों से किया गया।

सीएम साय बोले- पूछताछ में कई और लोग फंसेंगे

सौरभ चंद्राकर को भारत लाए जाने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मुख्य अभियुक्त को पकड़कर लाया गया है। CBI जब उससे पूछताछ करेगी तो कई और लोग फंस सकते हैं। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद मामले में संभावित नए खुलासों को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

दीपक बैज ने बीजेपी सरकार पर उठाए सवाल

दूसरी ओर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने राजीव भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी सरकार को घेरा। उन्होंने सवाल उठाया कि सौरभ चंद्राकर भारत आ गया, लेकिन रवि उप्पल और शुभम सोनी अब तक पकड़ से बाहर क्यों हैं? बैज ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने 2023 के विधानसभा चुनाव में शुभम सोनी के वीडियो के आधार पर कांग्रेस और तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को निशाना बनाया था। अब सरकार को बताना चाहिए कि शुभम सोनी कहां है।

बैज ने दावा किया कि महादेव ऐप के खिलाफ कार्रवाई कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में ही शुरू हुई थी। उन्होंने तत्कालीन सरकार द्वारा केंद्र को ऐप को गूगल प्ले स्टोर से हटाने के लिए पत्र लिखने और आरोपियों के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी कराने का भी जिक्र किया। उन्होंने बीजेपी नेताओं पर महादेव ऐप से जुड़े पैसों को लेकर गंभीर आरोप लगाए, जिन्हें राजनीतिक आरोप के तौर पर देखा जा रहा है।

अब CBI की पूछताछ पर टिकी निगाहें

सौरभ चंद्राकर की 8 दिन की रिमांड को इस मामले की जांच में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। CBI के सामने सबसे बड़ी चुनौती पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने, आर्थिक लेन-देन का पता लगाने और कथित तौर पर शामिल अन्य लोगों की भूमिका स्पष्ट करने की होगी। महादेव ऐप मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच भी जारी है।

अब सबकी निगाहें 12 नवंबर की पेशी और उससे पहले होने वाली पूछताछ पर टिकी हैं। क्या सौरभ चंद्राकर से पूछताछ के बाद महादेव सट्टा ऐप से जुड़े दूसरे बड़े नाम भी सामने आएंगे? क्या रवि उप्पल और अन्य फरार आरोपियों तक जांच एजेंसियां पहुंच पाएंगी? आने वाले दिनों में इस बहुचर्चित मामले की जांच कई नए खुलासे कर सकती है।

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