पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की जांच एजेंसियों पर सवाल उठाने को भाजपा ने बताया हताशा, लुकआउट सर्कुलर को लेकर भी साधा निशाना
रायपुर। महादेव ऑनलाइन सट्टा एप मामले में केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर छत्तीसगढ़ में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता सुनील चौधरी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर निशाना साधते हुए कहा कि तीन दिन के भीतर महादेव सट्टा एप के मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर के प्रत्यर्पण और सह-प्रमोटर रवि उप्पल की दुबई में गिरफ्तारी से कथित सट्टा सिंडिकेट पर शिकंजा कसता जा रहा है। उन्होंने इसे केंद्र सरकार की भ्रष्टाचार और आर्थिक अपराधों के खिलाफ कार्रवाई का परिणाम बताया।
सुनील चौधरी ने आरोप लगाया कि महादेव सट्टा एप मामले की एफआईआर में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का नाम आरोपी के रूप में दर्ज है। ऐसे में उनके द्वारा जांच एजेंसियों की कार्रवाई और प्रक्रिया पर सवाल उठाना उचित नहीं है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि जांच के दायरे में शामिल व्यक्ति द्वारा एजेंसियों की निष्पक्षता पर सवाल उठाना जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास है।
लुकआउट सर्कुलर को लेकर भूपेश बघेल की टिप्पणियों पर पलटवार करते हुए चौधरी ने कहा कि जब किसी आरोपी के देश छोड़कर विदेश भागने की आशंका होती है, तब लुकआउट सर्कुलर जारी किया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासनकाल में महादेव सट्टा एप के संचालक देश छोड़कर विदेश भागने में सफल रहे। भाजपा प्रवक्ता ने इसे तत्कालीन सरकार की प्रशासनिक विफलता करार दिया।
कांग्रेस शासनकाल पर लगाए गंभीर आरोप
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कांग्रेस के पांच वर्ष के शासनकाल को सट्टेबाजों और हवाला कारोबारियों के लिए अनुकूल बताते हुए आरोप लगाया कि इस दौरान अवैध कारोबार से जुड़े लोगों को राजनीतिक और प्रशासनिक संरक्षण मिला। उन्होंने दावा किया कि केंद्रीय जांच एजेंसियां अब विदेश में बैठे आरोपियों तक पहुंचकर मामले की जांच को आगे बढ़ा रही हैं।
सुनील चौधरी ने कहा कि भाजपा सरकार कानून के राज और पारदर्शी जांच के लिए प्रतिबद्ध है। महादेव सट्टा एप के माध्यम से युवाओं को नुकसान पहुंचाने वाले दोषियों को कानून के कठघरे में लाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चाहे आरोपी विदेश में बैठे हों या देश के भीतर, कानून के सामने सभी को जवाब देना होगा।
महादेव सट्टा एप मामले में केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बीच भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। मामले में जांच एजेंसियों की आगे की कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया पर राजनीतिक तथा सार्वजनिक नजर बनी हुई है।
