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जन्तर मन्तर में धरना, पत्रकारों की गिरफ्तारी के विरोध में एकजुट हुए पत्रकार

रिपोर्ट / मनीष सोनी
सरगुजा / नक्सल प्रभावित बस्तर में पुलिस द्वारा नक्सल मामले में पत्रकारों की गिरफ्तारी के विरोध में छत्तीसगढ़ व बस्तर के पत्रकारों ने मंगलवार को देश की राजधानी दिल्ली के जन्तर मन्तर में धरना दिया और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंप संवेदनशील इलाकों में काम कर रहे पत्रकारों की सुरक्षा की गुहार लगाई। धरना प्रदर्शन में छत्तीसगढ़ के साथ ही दिल्ली के पत्रकारों ने भी भाग लिया।

ज्ञात हो कि पिछले एक साल में बस्तर में चार पत्रकारों को पुलिस ने नक्सल समर्थक होने के आरोप में जेल में डाल दिया है। पिछले साल दिसंबर में पत्रकार सुरक्षा संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले पत्रकारों ने जगदलपुर में जेल भरो आंदोलन किया था। तब मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह ने पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात प्रदेश में निष्पक्ष व स्वतंत्र पत्रकारिता के लिए सभी जरूरी कदम उठाने का आश्वासन दिया था। गिरफ्तार पत्रकारों के मामलों की समीक्षा की बात भी कही गई थी। लेकिन कई महीने बाद भी इस मुद्दे पर सरकार द्वारा समुचित कदम न उठाए जाने से पत्रकारों ने दिल्ली में प्रदर्शन कर राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग की है। बस्तर में पत्रकारों की गिरफ्तारी का मुद्दा विधानसभा के बजट सत्र में भी उठा लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।

यह है ज्ञापन में –
राष्ट्रपति के नाम सौंपे गए ज्ञापन में पत्रकारों ने कहा है कि पिछले एक साल में पुलिस ने बस्तर में चार पत्रकारों सोमारू नाग, संतोष यादव, प्रभात सिंह व दीपक जायसवाल को फर्जी मामलों में जेल भेज दिया है। इससे पहले नक्सलियों ने साईं रेड्डी व नेमीचंद जैन को मौत के घाट उतार दिया। ग्रामीण इलाकों में पत्रकारों के लिए काम करना मुश्किल हो गया है। इसमें कहा गया है कि बस्तर में पदस्थ आईजी एसआरपी कल्लूरी पत्रकारों को फोन करके धमकाने में लगे हैं। इससे पत्रकारो में भय का माहौल है। प्रदेश में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने, गिरफ्तार पत्रकारों की रिहाई करने तथा दोषी अफसरों पर कार्रवाई की मांग की गई है।

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