कोरिया / कोरिया जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा पद का दुरूपयोग, भारी भ्रष्टाचार और स्थानान्तरण न होने के विरोध मे जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन कर चक्का जाम किया गया।
वही कांग्रेसियों द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी के विरोध मे जमकर नारे बाजी भी की गई। धरना प्रदर्शन मे पुलिस बल काफी सख्या मे तैनात रहा इस बीच नेशनल हाईवे मे वाहनों की दोनो तरफ लंबी कतारे लगी रही। पुलिस के काफी समझाईस के वावजूद भी कांग्रेसियों का अांदोलन जारी रहा। जिसके बाद बैकुन्ठपुर प्रभारी तहसीलदार तत्काल मौके पर पहुच उन्हें समझाईस दी, अपनी सभी मांगों को लेकर कांग्रेसियों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। अायोजन मे जिला कांग्रेस कमेटी, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी, महिला कांग्रेस, एन.एस.यू.अाई समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
अांदोलन मे कांग्रेसियों की प्रमुख मांगे ………
00 कार्यालय कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कोरिया के आदेश क्र0 2528/ स्था0-/न.क्र./2016 बैकुण्ठपुर दिनांक 02.04.2016 के तहत् जिसमें स्व. राम प्रसाद सिंह प्रधान पाठक (आ0 जा0 क0) तहसील भरतपुर के मृत्यु पश्चात् मृतक के ज्येष्ठ पुत्र देवेन्द्र सिंह मरावी को सहायक ग्रेड- 03 के पद पर अनुकम्पा नियुक्ति दिए जाने के संबंध में आदेश जारी किया था। लेकिन पात्र एवं योग्य व्यक्ति होने व कलेक्टर जिला दण्डाधिकारी के आदेश के बाद भी आर्थिक लाभ अर्जन के उद्देश्य से उक्त व्यक्ति को अनुकम्पा नियुक्ति नहीं दी गई।
00 सरदार वल्लभ भाई पटेल हाईस्कूल पटना की बिना नोटिस बिना किसी उच्च अधिकारी के अनुमोदन के व्यक्तिगत द्वेश के कारण मान्यता रद्द कर दी गई। उक्त विद्यालय 10 वीं तक संचालित था इसकी कभी भी कोई शिकायत नहीं थी। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा 9 वीं व 10 वीं की मान्यता रद्द कर दी गई है एवं 1 से 8 तक की कक्षाओं की मान्यता होने के बाद भी किताबें ए0 बी0 ई0 ओ0 व संकुल समन्वयक द्वारा किताब देने से मना किया जा रहा है जो कि न्याय संगत नहीं है।
00 जिला शिक्षा अधिकारी बैकुण्ठपुर के द्वारा अपने पद का दुरूपयोग करते हुए नियमित आकमकिता स्थापना भृत्यों को नियम के विरूद्ध 44 भृत्य के पद पर नियमितीकरण नियुक्त आदेश जारी किया गया था। उक्त प्रकरण की नियमितीकरण के पश्चात् आदेश निरस्त किया गया। इससे स्पष्ट होता है कि आर्थिक लाभ अर्जन के उद्देश्य से ही काम किया गया था। शुरू में 44 लोगों की भर्ती का आदेश जारी किया जा चुका था एवं कुछ समय पश्चात् उक्त सूची को निरस्त कर उक्त भोले भाले 44 लोगों के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ किया गया है।
00 महिला जिला शिक्षा अधिकारी जब से पदस्थ हुई है जिला शिक्षा कार्यालय में अग्नि शमन यंत्र, मध्यान्ह भोजन बर्तन, किचन शेड निर्माण आदि में भण्डार क्रय नियम का पालन नहीं किया गया है जो जांच का विषय है।
00 वर्ष 2015- 16 में जिला शिक्षा कार्यालय में फर्नीचर खरीदी में भारी भ्रष्टाचार किया गया है। एक ही फर्म से 48 लाख की खरीदी की गई और सी0 आई0 डी0 सी0 का नियम बता रही है। जबकि शासन द्वारा जारी दिशा निर्देश में इतने बड़े पैमाने की खरीदी में टेण्डर प्रक्रिया अपनाई जानी थी। लेकिन स्वयं के लाभ अर्जन के उद्देश्य से इतनी बड़ी खरीदी बिना टेण्डर के कर ली गई। इसके पूर्व भी मेरे द्वारा संबंधित फर्म की शिकायत की गई थी, कि उनके द्वारा वैट टैक्स की राशि जमा नहीं की गई थी, पूर्व में 5 से 7 लाख रूपये के वैट टैक्स की चोरी करने वाले फर्म को फिर से इतना बड़ आॅर्डर देना जांच का विषय है।
00 सहायक शिक्षक पंचायत से शिक्षक पंचायत, शिक्षक पंचायत से व्याख्याता में पदोन्नति किया जाना है, जिसकी कार्यवाही जिला पंचायत कोरिया में पूर्ण कर ली गई है परन्तु जिला शिक्षा अधिकारी के मनमानी रवैये के कारण रिक्त पदों की जानकारी न देने के कारण पदोन्नती की कार्यवाही नहीं हो पा रही है, जिसके कारण आदिवासी शिक्षक, शिक्षिकाओं का पदोन्नति रूका हुआ है एवं उनमें काफी रोष व्यापत है।
00 राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा मिशन के तहत् शिक्षकों का शासन से प्राप्त आवंटन के बाद भी तीन माह से वेतन नहीं दी गई है, जिसके कारण शिक्षक आर्थिक तंगी से जूझ रहे है।
00 शासन द्वारा स्पष्ट निर्देश है कि कोई भी शिक्षक को गैर शिक्षकीय कार्य नहीं कराने का आदेश है, उसके पश्चात् भी अपने मनमाने रवैये के कारण कई शिक्षकों को अपने कार्यालय में संलग्न कर रखी है। उन्हें तत्काल मूल पदस्थापना में जाने हेतु भार मुक्त किया जावे।
