दिल्ली / देश में दालों की कमी की समस्या के समाधान तथा इनके मूल्य पर नियंत्रण के लिए गुरुवार को दालों के आयातकों के संगठनों के साथ सरकार की बैठक हुई।
बैठक में विदेश मंत्रालय, वाणिज्य मंत्रालय औऱ अन्य संबधित विभागों के अधिकारी शामिल हुए। बैठक में दालों के कार्टेलाईजेशन, जमाखोरी सहित उन मुद्दो पर चर्चा हुई जिसके तहत कारोबारी जानबूझकर मुनाफे के लिये बाजार में दालों की कमी पैदा कर देते हैं। सरकार ने दाल उत्पादक प्रमुख अफ्रीकी देशों के साथ भी दाल के उत्पादन और आयात के लिये हाल के दिनों में करार किये हैं। इन देशों में मोजांबिक, तंजानिया औऱ ब्राज़ील शामिल हैं।
इस बीच सरकार ने कहा है कि सरकार दवारा उठाये गये कदमों के चलते बाजार में दाल की कीमतों में पिछले दिनों में नरमी देखने को मिली है। आम आदमी भी सरकार के प्रयासों के मद्देनजर दाल की कीमते सस्ती होने से खुश है। दालों की कीमतें मांग और आपूर्ति में भारी अंतर के कारण बढ़ी थी, लेकिन अब इनकी कीमतें बाजार में कम होने लगी हैं। सरकार लगातार कहती रही है कि आवश्यक वस्तुओं की कीमतें नहीं बढऩे देगी और जरूरत हुई तो व्यापारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जायेगी । दलहन कीमतों में स्थिरता लाने के साथ ही घरेलू किसानों को दलहन का उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित भी किया जा रह है।
