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अधिवक्ता संघ ने की चिरमिरी मे अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय स्थापना की मांग, 15 दिवस के भीतर नही हुई स्थापना तो होगा चरणबद्ध आन्दोलन

कोरिया / जिले के सबसे बड़े खड़गवां तहसील मे अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय के स्थापना की मांग चिरमिरी अधिवक्ता संघ ने की है। इस संबंध मे अधिवक्ता संघ ने विधि एवं विधायी मंत्री छ0ग0 शासन को पत्र प्रेषत कर अपनी मांग से अवगत कराया है। इसके साथ ही अधिवक्ता संघ ने 15 दिवस के भीतर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय की स्थापना नही होने पर चरणबद्ध आन्दोलन किये जाने की सूचना भी दी है।

अधिवक्ता संघ चिरमिरी ने मनेन्द्रगढ़ अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय मे 80 प्रतिषत प्रकरण चिरमिरी एवं खड़गवां क्षेत्र के होने का हवाला देते हुए पक्षकारों की सुविधा को ध्यान मे रखते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय की श्रंखला न्यायालय, व्यवहार न्यायालय चिरमिरी मे प्रारंभ करने की मांग की है। इस संबंध में ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया गया है कि खड़गवां तहसील की जनसंख्या तकरीबन 3 लाख है। तहसील के अंतर्गत एक नगर निगम तथा 52 पंचायतों मे 112 गांव सम्मलित है। इसके साथ ही दो थाने चिरमिरी तथा खड़गवां व कोरिया पुलिस चैकी तथा बचरापोड़ी चैकी इसी के अंतर्गत आते है। वहीं पोड़ी थाना क्षेत्र के अंतर्गत नगरपालिक निगम चिरमिरी का साजा पहाड़ क्षेत्र भी आता है। इतने बडे क्षेत्र और अधीक आबादी होने की वजह से अधिवक्ता संघ ने अवगत कराया है कि खड़गवां तहसील क्षेत्र के सत्र प्रकरण, मोटर दुर्घटना दावा से संबंधित प्रकरण, दीवानी अपील, आपराधिक अपील, सहित कुटुम्ब न्यायालय से संबंधित प्रकरण एवं भरण-पोशण जैसे प्रकरणों के लिये स्थानीय पक्षकारों को लम्बी दूरी तय कर मनेन्द्रगढ न्यायालय जाना पड़ता है। अधिवत संघ ने यह बात भी लिखी है कि दूरी अत्यधिक होने की वजह से पक्षकारों को कई तरह की आर्थिक एवं शरीरिक कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। उक्त समस्या को ध्यान मे रखते हुए अधिवक्ता संघ ने व्यवहार न्यायालय चिरमिरी मे पर्याप्त स्थान एवं सुविधा होने की बात कहते हुए यहां अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीष के श्रंखला न्यायालय की स्थापना किये जाने की मांग की है।

15 दिवस के भीतर नही हुई स्थापना तो होगा आन्दोलन – अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष एसएन परमार एवं सचिव रामनरेश राय ने विधि मंत्री को पत्र लिख कर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय की स्थापना किये जाने की मांग की है। वहीं 15 दिवस के भीतर मांग पूरी नही होने पर संघ द्वारा चरणबद्ध आन्दोलन की चेतावनी भी दी गई है। अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष ने विधि मंत्री को लिखे पत्र के माध्यम से अवगत कराया है कि उनके द्वारा 10 मई 2013 को विधि एवं विधायी मंत्री छ0ग0 षासन को पत्र लिख कर चिरमिरी मे अपर जिला एवं सत्र न्यायालय की मांग की गई थी। इसके साथ ही कई बार इससे संबंधित मांगें की जाती रही। परंतु इस संबंध में कोई ठोस कार्यवाही आज तक नही हो सकी है। कई बार दरखास लगाने के बावजूद उचित निष्कर्श नही निकलने की वजह से अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष ने जानकारी दी है कि यदि 15 दिवस के भीतर इस हेतु कोई सार्थक पहल नही होती है तो संघ चरणबद्ध आन्दोलन करने को बाध्य होगा। चरणबद्ध आन्दोलन के प्रथम चरण मे 3 अक्टूबर से 5 अक्टूबर तक अधिवक्ता काला व लाल फीता लगाकर विरोध प्रदर्षन करेंगे। वहीं दूसरे चरण मे 25 अक्टूबर को अधिवक्ता न्यायालयीन कार्य से पृथक रहेंगे। तथा तीसरे चरण मे 27 अक्टूबर को न्यायालय परिसर के समक्ष धरना प्रदर्षन किया जायेगा इसके साथ ही चतुर्थ चरण मे 28 अक्टूबर को स्थानीय हल्दीबाड़ी चैक मे आन्दोलन एवं चक्काजाम किये जाने की जानकारी दी गई है।

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