OO हसदेव एरिया के रेस्क्यू इंचार्ज सौरभ पांडेय का नाम भी शामिल
कोरिया / एसईसीएल की रेस्क्यू टीम के लिए खरीदे गए सुरक्षा उपकरण घोटाला सामने आया है जांच के बाद एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर के एक सीजीएम समेत ६ अफसरों को सस्पेंड कर दिया गया है कार्रवाई की चपेट में कुसमुंडा रेस्क्यू इंचार्ज भी आए हैं जो सुरक्षा उपकरण खरीदे गए हैं वह गुणवत्ताहीन है, जबकि बाजार मूल्य से अधिक में खरीदी की गई है।
सस्पेंड अफसरों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू हो गई है कोयला खदानों में आकस्मिक होने वाले हादसों से निपटने एसईसीएल ने कुसमुंडा, हसदेव व सोहागपुर क्षेत्र में रेस्क्यू टीम तैयार की है आपातकालीन स्थिति में जिन सुरक्षा उपकरणों की आवश्यकता होती है, उसकी खरीदी एसईसीएल के बिलासपुर मुख्यालय से एक साथ जाती है यहां पदस्थ सीजीएम उत्खनन-सेफ्टी आरके मांझी संपूर्ण क्षेत्र में पदस्थ रेस्क्यू टीम के प्रमुख हैं लगभग छह माह पूर्व सुरक्षा उपकरणों की भारी तादाद में एक साथ सभी रेस्क्यू टीम के लिए खरीदी की गई थी सामान आपूर्ति होने के बाद सभी क्षेत्र में आवंटित कर दिया गया बताया जा रहा है कि खरीदी के दौरान व्यापक पैमाने पर गड़बड़ी हुई, साथ ही सामान की गुणवत्ता भी अच्छी नहीं थी मामला सामने आने पर प्रारंभिक तौर पर जांच उपरांत कंपनी ने सीजीएम समेत छह अफसरों को शुक्रवार की शाम निलंबित कर दिया निलंबित किए गए अफसरों के खिलाफ विभागीय तौर पर जांच शुरू कर दी गई है।
इन अफसरों पर गिरी गाज – एसईसीएल बिलासपुर में पदस्थ मुख्य महाप्रबंधक (उत्खनन, सेफ्टी) आरके मांझी, कुसमुंडा में रेस्क्यू इंचार्ज के पद पर पदस्थ जीपी शुक्ला, हसदेव एरिया के रेस्क्यू इंचार्ज सौरभ पांडेय, सीनियर मैनेजर परशुराम आचार्या, सोहागपुर क्षेत्र के सीनियर मैनेजर आरके तिवारी तथा डब्ल्यूसीएल में पदस्थ मुख्य प्रबंधक मनोज विश्वनोई को निलंबित किया गया है मनोज विश्वनोई गड़बड़ी के दौरान एसईसीएल में पदस्थ थे, बाद में उनका तबादला डब्ल्यूसीएल हो गया सीआईएल से जुड़े होने की वजह से उन पर निलंबन की गाज गिरी।
