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एक ठेका मजदुर सहित दो SECL श्रमिक कोयले में लगी आग को बुझाते हुए झुलसे, 02 को किया गया रेफर, मचा हड़कंप

कोरिया / चिरमिरी – SECL चिरमिरी ओसीपी में स्टोरेज कोयले में लगी आग को बुझाने के दौरान एक ठेका मजदुर सहित दो श्रमिक आग की चपेट में आ गए, ठेका मजदुर और एक श्रमिक की गंभीर हालत को देख कर तत्काल उसे रेफर कर दिया गया और एक श्रमिक का स्थानीय रीजनल अस्पताल में इलाज चल रहा है। रेफर किये गए दोनो की 80 % प्रतिशत जलने से हालत नाजुक बनी हुई है। इस पुरे मामले में एसईसीएल चिरमिरी की बड़ी लापरवाही का खुलासा हुआ है, इन तीनो श्रमिकों की डियूटी आग बुझाने में लगाई गई थी। 

          IMG-20170504-WA0006गौरतलब हो की एसईसीएल चिरिमिरी की ओसीपी माइंस में देर रात लगभग समय 12.35 को कोयला उत्पादन फेस में टैंकर फायर से फाईटिंग कर रहे ठेकेदारी मजदूर रौशन और वही छिड़काव के समय आग के स्लाईड होने के कारण मजदूर जहां 80 प्रतिशत जला। वही कुछ ही दूरी पर खड़े डंफर आपरेटर अभिमन्यू और श्रमिक राजेंद्र तिवारी भी इसकी चपेट में गए और लगभग उनका शरीर 80 प्रतिशत जल गया।
            जिसकी जानकारी मिलते ही चिरमिरी एसईसीएल में हड़कंप मच गया जिस पर घटना स्थल से लगभग आधा किलों मीटर की दुरी पर उपस्थित अधिकारियो और कर्मचारियों द्वारा मामले की जानकारी अपने उच्च अधिकारियों दी गई और आनन-फानन में तीनो घायल श्रमिको को स्थानीय क्षेत्रिय चिकित्सालय भेजा गया। मामले के रात्रि काल में होने के कारण इसे दबाने की झूटी कोशिश भी की गई जो सफल नहीं हो सकी। डॉक्टर ने उपचार के दौरान ही उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए मरीजों को रात को ही बिलासपुर अपोलो और दूसरे को सेक्टर भिलाई( 9 ) रिफर कर दिया है जहाँ उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।
           ज्ञात हो की एसईसीएल की चिरमिरी खुली खदान परियोजना में लगभग दो माह पूर्व से स्टॉरेज में आग लगी हुई है जिसका आज तक कोई सही उपाए नहीं हो सका है वही स्थानीय एसईसीएल एजेंसी द्वारा इस आग को बुझाने में अपने सारे हथकंडे अपना चुकी है। लेकिन जिसमे उसे आज तक सफलता हासिल नहीं हुई और आये दिन एक बड़ी दुर्घटना घटित हो रही है। जिससे शहर सहित संपूर्ण एसईसीएल में हड़कंप मचा हुआ है और एसईसीएल इसके रोकने के उपाए ढूंढ़ने के बजाए श्रमिकों को मौत का इंतेजार कर रही है।
पुरा था घटनाक्रम – गुरुवार को मध्य रात्रि हुई घटना में आग की चपेट में आने से झुलसे ठेकेदारी मजदूर को उसकी नाजुक स्थिति को देखते हुए मध्य रात्रि में ही रीजनल हाॅस्पिटल कुरासिया के उपस्थित चिकित्सकों द्वारा प्राथमिक उपचार के पश्चात अपोलो बिलासपुर रीफर कर दिया गया जबकि डंफर आपरेटर श्रमिक अभिमन्यू को जवाहर लाल नेहरु हाॅस्पिटल सेक्टर भिलाई( 9 ) में रिफर किया गया है। गुरुवार को उसके साथ काम करने वाले ठेका मजदूरों ने पुर घटना कर्म की जानकारी देते हुए बताया की घायल ठेका मजदूर रौशन टैंकर बुधवार की अर्ध रात्रि अपने निर्धारित कार्य अनुसार एसईसीएल के फायर फाईटिंग सिस्टम के तहत कोयला में लगी आग को पानी छिड़काव कर बुझाने का कार्य कर रहा था पानी छिड़काव के ही समय भारी मात्रा में आग युक्त राख स्लाईड होने के कारण जहां ठेका मजदूर रौशन उसकी चपेट में आ गया और उसका पूरा शरीर का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा जल गया घटना स्थल पर कुछ ही दुरी पर उपस्थित श्रमिकों द्वारा  तत्काल उसको उठाकर उसे रीजनल हाॅस्पिटल पहोचाने की व्यवस्था की, तभी घटना स्थल से कुछ ही दूरी पर कोयला डंप कर खड़े डंफर आपरेटर अभिमन्यू को भी आग ने अपनी चपेट ले लिया जिसके दोेनों हाथ बूरी तरह झुलस गया। वही चेहरा और गले में भी बुरी तरह झुलस गए दोनों श्रमिको को बचाने के में लगे श्रमिक राजेंद्र तिवारी को भी आग ने नहीं छोड़ा जिससे उसके एक हाथ बुरी तरह जल गया । जिसकी जानकारी होने पर एसईसीएल के क्षेत्रीय पर्सनल मैनेजर एके द्विवेदी आ गए, श्रमिक अभिमन्यू को ईलाज के लिए बर्न यूनिट हॉस्पिटल भिलाई सेक्टर 9 में रीफर किया गया और ठेका मजदुर रौशन को अपने निजी हॉस्पिटल अपोलो बिलासपुर रिफर किया गया और श्रमिक राजेंद्र तिवारी को जिसके हाथ का प्राथमिक उपचार कर रीजनल हॉस्पिटल कुरासिया में इलाज किया जा रहा है ।
लगातार होती घटनाएँ –  चिरमिरी ओसीपी परियोजना में जब से एसईसीएल चिरमिरी द्वारा उपक्षेत्रीय प्रबंधक सुधीर कुमार का पदभार ग्रहण हुआ है पश्चात उनकी उदासिन और तानाशाही कार्य प्रणाली के कारण लगभग एक दर्जन से ज्यादा ऐसी ही गंभीर घटनाएं घटित हो चुकी है । जहां नवबंर 2016 में करोड़ो रुपए ड्रिल मशीन जल कर खाक हो चुकी है वही उसी कोल फेस एरिया में स्टोरेज भारी मात्रा में कोयले में लगी आग ने करोड़ो रूपए के कोयले के जलने से नुकसान हो चूका है जबकि आज दिनाक तक इतना नुकसान होने के कारण मौके पर उपस्थित एसईसीएल के कर्मचारियों द्वारा कोई सावधानी नहीं बरती जा रही है जो एक बड़ी दुर्घटना को ओर इशारा कर रही है इसी कर्म विगत एक माह में ही एक सावेल मशीन सहित जुगाड़ू ट्रक के द्वारा गोटा और बारुद और ब्लास्टिंग करने वाले कोयला कामगारों को ले जा रहा ट्रक भी उक्त अगनी से जलते-जलते बचा और वाहन चला रहे ड्राईवर द्वारा ट्रक को कोयले से निकली मिट्टी के पहाड़ नूमा ढेर में कोयला कामगारों सहित ट्रक को पलटा दिया गया था लगभग 20 दिन पहले इसी तरह एक सावेल मशीन और डंफर भी कोल फेस एरिया में जलने के कारण लाखों रुपए का नुकसान होने की जानकारी मिली थी जिसको मिट्टी से दबा दिया गया था। जिसका आज दिनांक तक कोई पता नहीं चला है जबकि ऐसी घटनाएं चिरमिरी ओसीपी में वर्तमान उपक्षेत्रीय प्रबंधक के पदस्थापना के पश्चात विगत 6-7 माह से लगातार घटित हो रही है। परंतु वर्तमान उपक्षेत्रीय प्रबंधक रोड सेल के भ्रष्टाचार में लिप्त होने के कारण करोड़ो रुपए का हो रहें काले कारोबार के कारण एसईसीएल के उच्चाधिकारियों द्वारा भी सुरक्षा में भारी चुक के कारण आए दिन घटने वाली घटनाओं मुक दर्शक बन देखा जा रहा है ।
 
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