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मनरेगा के मस्टररोल में भ्रष्टाचार बनी पहचान, ग्रामीणों ने लगाई जांच की गुहार

रिपोर्ट / राजेश चावला / 9893406143
धमतरी / धमतरी जिले के ग्राम श्यामतराई में मनरेगा के तहत पानी निकासी का कार्य तो किया गया। काम में लगे मजदूर व ग्रामीणों द्वारा मस्टररोल में हाजरी भी डाली गई, पर जब काम करने वाले मजदूरों ने हाजरी चेक की तो वो सकते में आ गए….

दरअसल महज चार दिन काम करने वाले मजदूर खिलावन नेताम की हजारी कई दिन बढ़ा दी गई तो ग्रामीण आत्मा राम व उपसरपंच का कहना कि मस्टररोल में कई मजदूरों का फर्जी नाम डाल सरपंच सचिव रोजगार सहायक द्वारा मिली – भगत कर राशि निकाल जम कर भ्रष्टाचार किया गया है।

IMG-20170806-WA0012मामले की शिकायत पर धमतरी जनपद जांच दल भी पंचायत पहुंचा, पर ग्रामीणों का कहना है कि जांच दल द्वारा जांच के नाम से महज खानापूर्ति की जा रही जिससे ग्रामीणों में असंतोष व्याप्त है। एक तरफ सरकार ग्रामीणों को मनरेगा के तहत रोजगार उपलब्ध कराने में लगी हुई है तो वहीं ग्रामीण और जनप्रतिनिधि मिली भगत कर शासन – प्रशासन की आंख में धूल झोखने से बाज नही आ रहे।
भर्राशाही के मामले में ठीक से कारवाही करवाने अब ग्रामीण कांग्रेस नेता विक्रान्त मोहन राव के पास पहुंचे। फर्जीवाड़ा करने वाले सरपंच सचिव रोजगार सहायक पर उचित कारवाही करवाने ज्ञापन सौंप मामले में सहयोग करने की मांग की है।

कांग्रेस नेता विक्रान्त का कहना है कि ग्रामीणों के द्वारा की रही शिकायत पर बार – बार जांच दल द्वारा जांच तो की जा रही पर निष्कर्ष नहीं निकाला जा रहा है। जिससे अधिकारियों के भी लिप्त होने से इंकार नहीं किया सकता अगर ग्रामीणों द्वारा अपने हक के लिए चुने गए जनप्रतिनिधि ही ग्रामीणों का भक्षकं जाए तो गाव का विकास कैसे हो सकता है। उन्होंने मांग की है कि जांचदल द्वारा जल्द से जल्द जांच पूरी कर दोषियों पर करवाही की जाएं।

वहीं गाव के विकास के लिए उपयुक्त व्यक्ति को गाव की भागदौड़ सौंपी जाए ताकि ग्रामीणों का विकास हो सके। साथ ही उनके द्वारा ग्रामीण पंचायतो में इस तरह के मामलों की पड़ताल के लिए अभियान शुरु किया जायेगा ताकि इस तरह के फर्जीवाड़ों से पर्दा हट सकें।

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