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Newton आस्कर के लिए हुआ नामिनेट, छत्तीसगढ़ के दल्ली राजहरा में फिल्माया गया कुछ हिस्सा, फ़िल्म पर CG के आदिवासी भी दिखेंगे

00 मीडिया साथी इसरार अहमद ने भी किया फ़िल्म में काम
00 नक्सल जीवन पर राजकुमार राव ने बनाया है फिल्म
रायपुर / राजकुमार राव की फ़िल्म ‘न्‍यूटन’ आज रिलीज हो गई है और यह फ़िल्म भारत की तरफ से ऑस्‍कर के लिए नॉमिनेट भी हो गई। इस फ़िल्म और हमारे लिए खास बात यह है कि इस फिल्म का कुछ हिस्सा छत्तीसगढ़ बालोद जिले के दल्ली राजहरा में फिल्माया गया है।

आपको बता दे कि यह फिल्‍म नक्‍सल प्रभावित इलाके में सालों बाद इलेक्‍शन कराने जैसे विषय पर बनाई गई फिल्‍म है। इस फिल्‍म में राजकुमार राव, पंकज त्रिपाठी, संजय मिश्रा, अंजली पाटिल जैसे कलाकार हैं। फिल्‍म में राजकुमार राव और पंकज त्रिपाठी समेत सभी कलाकारों के अदाकारी की काफी तारीफ हो रही है। ‘न्‍यूटन’ को फिल्‍म फेडरेशन ऑफ इंडिया की तरफ से ऑस्‍कर अवॉर्ड्स में ‘बेस्‍ट फॉरिन फिल्‍म’ की श्रेणी के लिए भेजी जाएगा। सी. वी रेड्डी की अध्‍यक्षता वाले फिल्‍म फेडरेशन ऑफ इंडिया की जूरी ने 26 भारतीय भाषाओं की फिल्‍मों में से ‘न्‍यूटन’ को चुना है। फिल्‍म के चुने जाने की खबर राजकुमार ने अपने सोशल मीडिया पर शेयर की है। जहां यह फिल्‍म भारत में आज ही रिलीज हुई है, वहीं ‘न्यूटन’ का इसी साल जनवरी में बर्लिन फैशन फिल्म महोत्सव 2017 में वर्ल्ड प्रीमियर हुआ था। इस फिल्म का निर्देशन अमित मासुरकर ने किया है। बर्लिन में हुए इस 67वां अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में भी इस फिल्म ने खूब वाहवाही लूटी थी। इसके अलावा इस फिल्‍म को CICAE आर्ट सिनेमा अवॉर्ड से नवाजा भी जा चुका है।

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हमारे देश में ऐसी बहुत पिच्चर बनीं जो जनता को वेवकूफ बनाकर और माल कमाकर चली गईं, लेकिन एक फेहरिस्त ऐसी पिच्चरों की भी है जो हमारे समाज और सिस्टम से सीधा सवाल करती हैं। आज इसमें एक नया नाम जुड़ गया है और ये नाम है ‘न्यूटन’ का। फिल्म के नायक का नाम है न्यूटन।

फिल्म के डायरेक्ट हैं अमित मासुरकर जिनकी इससे पहले भी एक फिल्म आई थी जिसका नाम था सुलेमानी कीड़ा। अमित ने न्यूटन का बेहद ही खूबसूरत निर्देशन किया है। फिल्म में राजकुमार राव एक महा-ईमानदार अफसर का किरदार निभा रहे हैं जिसने स्कूल के दिनों में खुद ही अपना नाम नूतन से बदलकर न्यूटन रख लिया।

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कहानी एक नजर –

न्यूटन में राजकुमार एक सरकारी कर्मचारी के किरदार में हैं जो हमेशा नियमों के मुताबिक चलता है। जिसके कुछ ऊसूल हैं और वे किसी भी कीमत पर उनको हमेशा लागू करता है। इस फिल्‍म में इलेक्शन और वोटिंग जैसे मुद्दे को बहुत ही सीधे-सादे लेकिन गहरे अंदाज में उठाया गया है। न्यूटन की ड्यूटी नक्सल प्रभावित इलाके में लगती है और वह हर काम कायदे से करना चाहता है।

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कुछ हिस्सों में हमारा छत्तीसगढ़ भी है –

न्यूटन फ़िल्म में छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित घने जंगल, पहाड़, नदियां और फिल्म की शूटिंग छत्तीसगढ़ के ही जंगलों में हुई है और जंगल के आस-पास के गांव के लोगों को भी फिल्म में काम करने का मौका दिया गया है। साथ ही कोंडागांव के मीडिया साथी इसरार अहमद ने भी इस फ़िल्म में काम किया है।

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