00 लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग बैकुण्ठपुर में 10 सालों से अधिक समय से पदस्थ हैं कई अधिकारी-कर्मचारी
कोरिया / शासकीय कार्यो में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों का स्थानांतरण 3 वर्षो में करने का प्रावधान है। लेकिन जिस प्रकार से जिले में इस नियम की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, उसने आम जनों को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खंड बैकुण्ठपुर के अंतर्गत ऐसे कई अधिकारी व कर्मचारी हैं जो वर्षो से यहां जमें हुए हैं। शासन के नियमानुसार प्रतिवर्ष यहां पदस्थ अधिकारियों-कर्मचारियों की सूची उनकी पदस्थापना संबंधित जानकारी को लेकर विभाग को भेजी जाती रही है। लेकिन सूची भेजने के बाद सेंटिग के चलते कई अधिकारी-कर्मचारी यहां अंगद के पांव की तरह जमें हुए हैं।
इस बारे में जब हमने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों से चर्चा की तो उनका कहना था नियमानुसार विभाग को सूची बनाकर भेज देते हैं। ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर सूची बनाकर भेजने के बाद भी इन अधिकारी-कर्मचारियों का तबादला आखिर क्यों नही होता। कुछ तो ऐसे हैं कि जिनकी स्थापना इसी कार्यालय में हुई और उनकी सेवानिवृत्ति भी इसी कार्यालय से होने वाली है।
सवाल यह उठता है कि जब स्थानांतरण नीति बनाई गई है और प्रत्येक वर्ष सूची मंगाकर स्थानांतरण की बात कही जाती है। तो आखिर रायपुर मंत्रालय में बैठे अधिकारी लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग पर इतने मेहरबान क्यों है। इस विभाग में प्रतिवर्ष करोड़ों रूपए के काम होते हैं। ऐसे में ठेकेदारों से परिवार की तरह संबंध बनाए कुछ कर्मचारियों को यहां से नही हटाया जाना कई सवालों को जन्म देता है।
इनका कहना है –
शासन के निर्देशानुसार प्रतिवर्ष विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों की सूची भेजी जाती है।
ए.बी.मिंज ई.लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग बैकुण्ठपुर
