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शिकायत की जांच करने मार्ग दर्शन बीएड कॉलेज पहुँची सरगुजा विवि की टीम, प्रबंधन में मचा हड़कंप

कोरिया / बीते कई वर्षों से बीएड छात्र-छात्राओं के लिए लूट और भर्राशाही का केंद्र तथा प्रबंधन के लिए सफेद हाथी बन चुके जिला मुख्यालय स्थित मार्गदर्शन कॉलेज की मनमानी अब नही चलेगी, कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सरगुजा विश्विद्यालय की टीम ने शनिवार को कॉलेज पहुँच कर शिकायत की जाँच की और छात्रों से कई जानकारी भी एकत्रित किया। जिसके बाद प्रबंधन में हड़कंप मचा हुआ है।

आपको बता दे कि सरगुजा संभाग से पहुँची जांच दल में
प्रो. राज कमल मिश्रा pg कॉलेज,प्रिंसपल आर एन खरे इंजीनियरिंग कॉलेज, प्रिंसपल डॉ ज्योति सिन्हा कन्या महाविद्यालय अम्बिकापुर सहित दो अन्य साथी पुरे दलबल के साथ कॉलेज पहुँचे थे।

उक्त पूरे मामले ने मिली जानकारी के अनुसार बैकुंठपुर के भट्टीपारा में बीएड कॉलेज संचालित है, जहाँ कोरिया सहित प्रदेश के कई हिस्सों से छात्र अध्ययन हेतु प्रवेश लेते हैं। लेकिन उक्त कॉलेज में भर्राशाही और प्रबंधन की मनमानी इतनी हावी है कि छात्र यहां आर्थिक सहित मानसिक रूप से भी परेशान हैं। प्रबंधन ने कॉलेज छात्रों को सफेद हाथी समझ रखा है, मनमाना फीस, रसूखदार छात्रों को खुला संरक्षण, प्रायोगिक नम्बर में भेदभाव सहित समय-समय पर ऐसे-ऐसे नियम लागू किये जाते रहे है जिससे छात्र आर्थिक के अलावा मानसिक रूप से भी परेशान हैं। यही नही प्रबंधन द्वारा छात्रों को इतना भयभीत कर के रखा गया है कि छात्र तमाम परेशानियों में रहने के बावजूद भी कहीं मुँह खोलने में डरते थे पर इस बार सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक बात तब बिगड़ गई जब पिछले प्रथम वर्ष के लगभग आधे छात्र बीएड की परीक्षा में फेल हो गए, परिणाम जारी होने के बाद प्रबंधन ने ऐसे छात्रों को पूर्णतः आश्वस्त किया कि वे खुद सभी को पास करा देंगे। इसी उम्मीद में छात्र परिणाम जारी होने के बाद अभी तक चूप रहे लेकिन बीते पखवाड़े जब छात्रों को जानकारी मिली कि उनका परिणाम नही सुधरेगा बल्कि सभी को दुबारा इस वर्ष प्रथम वर्ष की परीक्षा देनी होगी तो इस जानकारी के बाद अपने आप को प्रबंधन द्वारा ठगा महसूस करते हुए छात्रों का गुस्सा अचानक फूट पड़ा।

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पिछले दिनों प्रबंधन से काफी तनातनी के बाद अनेक छात्र सरगुजा विश्विद्यालय पहुँच गए और यहां उन्होंने कुलपति के समक्ष एक-एक कर मार्गदर्शन कॉलेज प्रबंधन की मनमानी और व्याप्त भर्राशाही का बखान कर दिया। उक्त पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए विश्विद्यालय ने कॉलेज का आज औचक निरीक्षण कर एक टीम का गठन किया। जिसमें विश्वविद्यालय क्षेत्रान्तर्गत अनेक महाविद्यालयों के लोग शामिल किए गए थे, इस टीम ने शनिवार को कॉलेज का निरीक्षण किया और छात्रों द्वारा लगाए गए आरोपों का बारिकी से परीक्षण किया। जैसा कि छात्रों की शिकायत थी यदि प्रबंधन की मौजूदगी में जांच टीम छात्रों से पूछताछ करती है तो ऐसे में डरे सहमे छात्र कुछ भी बोलने में असमर्थ होंगे और यहां व्याप्त भर्राशाही का पता नही चल पाएगा। ऐसे में टीम ने इस बात पर नया पैतरा अपनाकर छात्रों से सच्चाई जानने का प्रयास किया, एक जानकारी के मुताबिक जाँच टीम ने कॉलेज के एक हॉल में छात्रों को एकत्रित करते हुए वहां से प्रबंधन को अलग कर दिया और छात्रों से मौखिक नही बल्कि लिखित में जानकारी ली गई।

सूत्रों ने बताया कि जांच टीम द्वारा एक प्रश्न पत्र तैयार कर अपने साथ लाया गया था। जिसमे लगभग 20 प्रश्न थे इनका उत्तर छात्रों को हां या नही में देना था। इस प्रश्न पत्र के माध्यम से टीम ने कॉलेज में व्याप्त भर्राशाही, मनमानी और अव्यस्थाओं को जानने का प्रयास किया। छात्रों ने भी प्रबंधन की गैर-मौजूदगी में जांच टीम का भरपूर साथ दिया और लिखित शिकायत के माध्यम से प्रबंधन के खिलाफ अपनी भड़ास निकाली। काफी देर तक छात्रों से और भी सबूत टीम ने एकत्र किया। बताया जाता है कि इस निरीक्षण से प्रबंधन में हड़कंप मच गया है। जाँच टीम ने छात्रों को पूरी तरह से आश्वस्त करते हुए नाम पता लिखवाया है और कहा भी की इसकी जानकारी कॉलेज प्रबंधन को बिल्कुल नही होगी लेकिन प्रबंधन ने इसके बाद भी छात्रों को धमकाने का प्रयास किया और कहा गया कि हमको पता चल जाएगा कि किसने क्या शिकायत किया है। जांच से सहमे प्रबंधन ने छात्रों से इतना जरूर कहा कि इस बार शैक्षणिक भ्रमण में आप लोगो द्वारा बताए स्थान पर ही ले जाया जाएगा।

हालांकि यह तो भविष्य के गर्त में है कि प्रबंधन शिकायतों के बाद भी सुधरता है या यही मनमानी करता रहेगा। बहरहाल आज हुई कार्यवाही से पीड़ित छात्रों को जरूर राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।

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