नई दिल्ली / मंत्रालय ने एक समिति की रिपोर्ट के आधार पर महत्वपूर्ण फैसला किया है कि सभी राज्यों के रजिस्ट्रार जहाँ शादियाँ पंजीकृत की जाती हैं, उन्हे महिला एवं बाल विकास मंत्रालय से जोड़ा जाएगा ताकि सभी शादियों का डेटाबेस सरकार के पास एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हो।
विदेशों में रहने वाले अप्रवासी भारतीयों द्वारा भारत में शादी करने के बाद अपनी पत्नी को झांसे में रखकर उनका शोषण करने की खबरें अख़बारों की सुर्खियाँ बनती रहती हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय काफ़ी समय से इस समस्या पर गौर कर रहा है। अब इस समस्या से निपटने के लिये मंत्रालय ने एक समिति की रिपोर्ट के आधार पर महत्वपूर्ण फैसला किया है कि सभी राज्यों के रजिस्ट्रार जहाँ शादियाँ पंजीकृत की जाती हैं, उन्हे महिला एवं बाल विकास मंत्रालय से जोड़ा जाएगा ताकि सभी शादियों का डेटाबेस सरकार के पास एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हो।
साथ ही धोखा-धड़ी के किसी भी मामले से निपटने के लिए एक एकीकृत नोडल एजेंसी बनाई जाएगी जिसमें गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और क़ानून मंत्रालय शामिल होंगे। ये नोडल एजेंसी महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के नेतृत्व में इन मामलों को देखेगी।
