Advertisement Carousel

बिचौलियों और कोचियों की अब खैर नहीं, 300 क्विंटल से अधिक धान जब्त और 5 वाहनों को राजसात करने की कार्यवाही प्रारंभ

कोरिया / समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले बिचैलियों और कोंचियों की अब खैर नहीं। समर्थन मूल्य पर अब कोई भी बिचैली और कोंचिया उपार्जन केंद्रों में धान नहीं बेच पायेंगे। समर्थन मूल्य पर धान बेचने की जानकारी मिलने तथा जांच में किसानों की धान नहीं पाये जाने पर बिचैलियों और कोंचियों पर सख्त कार्यवाही की जायेगी। साथ ही धान परिवहन करने वाले वाहनों को राजसात की जायेगी।

इसी कडी में कलेक्टर नरेंद्र कुमार दुग्गा के निर्देश पर जिले के विभिन्न स्थानों पर किये गये कार्यवाही पर 300 क्विंटल से अधिक धान जब्त कर धान परिवहन करने वाले 5 वाहनों को थाने में खडा कर उसे राजसात करने की कार्यवाही की जा रही है। यह कार्यवाही मंडी अधिनियम के तहत की जा रही है।

IMG_20171115_213739
कलेक्टर श्री दुग्गा ने बताया कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य 15 नवंबर से प्रारंभ हो गया है। धान खरीदी के लिए चाक चैबंद व्यवस्था की गई है। उन्होने बताया कि समर्थन मूल्य पर पंजीकृत किसानों से ही धान की खरीदी की जायेगी। उन्होने बताया कि धान उपार्जन केंद्रों में धान लाने वाले बिचैलियों और कोंचियों पर कडी निगाह रखी जा रही है।

IMG-20171115-WA0013
इसके लिए केल्हारी-जनकपुर मार्ग पर डिप्टी कलेक्टर सुश्री सुमन राज, केल्हारी क्षेत्र के नायब तहसीलदार शशि भूषण सोनी, खाद्य निरीक्षक सुश्री चंपाकली, कृषि ऊपज मंडी समिति मनेन्द्रगढ के सचिव सी.के.जायसवाल, डुमरिया-सोनहत मार्ग पर डिप्टी कलेक्टर कौशल तेंदूलकर, बैकुण्ठपुर क्षेत्र के नायब तहसीलदार शनि पैकरा, खाद्य निरीक्षक नवीन सिंह, कृषि ऊपज मंडी समिति बैकुण्ठपुर के आर.सी.गुप्ता और बचरा-पोडी-रतनपुर मार्ग पर सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं द्वारिका नाथ, खाद्य निरीक्षक रंजन राम एवं कृषि ऊपज मंडी समिति मनेन्द्रगढ के सरयु विश्वकर्मा को तैनात किया गया है।

IMG_20171115_213713
उन्होने बताया कि तैनात दलों द्वारा डुमरिया-सोनहत मार्ग तथा केल्हारी-जनकपुर मार्ग पर 300 क्विंटल से अधिक अवैध रूप से धान परिवहन करने पर धान को जब्त कर संबंधित वाहनों को राजसात करने की कार्यवाही की जा रही है। इसी तरह जांच दलों द्वारा विभिन्न राईस मिलों एवं दुकानों की भी जांच की गई। जहां खाली बारदाना, धान, चावल अवैध रूप से भण्डारित पायी गयी। इस संबंध में संबंधित संस्थानों के संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। कारण बताओ नोटिस का जवाब संतोसप्रद नहीं होने पर संबंधितों के विरूध्द सख्त अनुशासनात्मक कार्यवाही की जायेगी।

error: Content is protected !!