रिपोर्ट / अनूप बड़ेरिया
कोरिया / बैकुन्ठपुर विधानसभा क्षेत्र से लगातार दूसरी बार विधायक निर्वाचित हुए भाजपा के भईयालाल राजवाड़े वर्तमान में छग सरकार में केबिनेट मंत्री है। उन्हे श्रम व खेल मंत्रालय दिया गया है। पिछले कुछ समय में भईयालाल राजवाडे़ का कद लगातार सरकार व संगठन दोनो में बढ़ते जा रहा है। अपने राजनीतिक जीवन की शुरूवात उन्होने सरपंच का चुनाव जीतकर की थी। सरपंच से जनपद सदस्य, जनपद अध्यक्ष, जिला पंचायत सदस्य, विधायक, संसदीय सचिव, कैबिनेट मंत्री व सूरजपुर जिले का प्रभारी मंत्री भी बनाया गया। इसके अलावा उन्हे कुछ दिन पूर्व भटगांव विधानसभा चुनाव हारने पर वहां का समीक्षा प्रभारी भी बनाया गया है।
इस प्रकार श्री राजवाड़े लगातार प्रमोशन पर बने हुए हैं मतलब की लगातार उनका कद बढ़ता जा रहा है। लेकिन कहीं न कहीं यह भी है कि उनका कद बढ़ने के साथ बैकुन्ठपुर विधानसभा की फिजां अब बदलती दिखद रही है। हालांकि अभी फिजां उतनी नही बदली है कि चुनाव परिणाम पर वह असर डाल सके। परंतु जिस प्रकार की दूरी मंत्री बनने के बाद बूथ स्तर पर आम जनता से भईयालाल राजवाड़े की हो गयी है। एक साल में यह हवा परिणाम बदलने की हवा में तब्दील हो सकती है।
दरअसल मंत्री बनने के बाद श्री राजवाड़े जनता से लगातार दूर होते जा रहे है। उनके पास जो फरियादी काम ले कर आते हैं उनसे मिलने के अलावा, सरकारी आयोजनो व किसी की शादी व छठी में ही जनता से भईयालाल राजवाड़े की मुलाकात हो पाती है। ऐसा इसलिए भी हो रहा है कि मंत्री बनने के बाद श्री राजवाड़े की व्यस्थता और बढ़ गयी है। लगातार दौरे व सरकारी आयोजनो के बीच मतदाओ से उनको मिलने का अवसर ही नही मिल पा रहा है। जिससे उनकी पैठ बूथ स्तर पर अब कमजोर सी पड़ती जा रही है। जिस पर अभी से ध्यान नही दिया गया तो आने वाले समय में मुश्किल हो सकती है। जिसके लिए श्री राजवाड़े को अभी से लालबत्ती व प्रोटोकाल का मोह त्याग कर गांव-गांव जा कर चौपाल लगा कर वोटरो की बात कहनी व सुननी चाहिए।
भईयालाल राजवाड़े की आम मतदाताओ से दूरी का एक कारण यह भी है पहले उनकी कैबिनेट में आम मतदाताओ में पकड़ रखने वाले शैलेश शिवहरे व राम भक्त की तरह अडिक रहने वाले हनुमान रेवा यादव जैसे तमाम कद्दावर नेता व रणनीतिकार साथ रह कर कदम से कदम साथ देते रहे थे। जो अच्छी रणनीति बना कर भविष्य की राह आसान करने का काम करते रहे थे। लेकिन अब मंत्री जी के इर्दगिर्द सी ग्रेड के नेताओ का जमावाड़ा हो गया है। जो 24 घंटे मंत्री के साथ रहते है और जनता से मंत्री जी की दूरी बनवाने में विशेष भूमिका निभा रहे है। इन सी ग्रेड नेताओ के जनाधार का अंदाजा आप सिर्फ इसी बात से लगा सकते हैं कि उनके परिवारजन भी उनके कहने पर वोट नही डालती है तो बाकी मतदाताओ की छोड़ ही दीजिए। इनमें कुछ नेता ऐसे है जो कांग्रेस में डी श्रेणी के नेता थे। जिनसे वरिष्ठ कांग्रेसी तम्बाखू व चाय मंगाते थे। लेकिन भईयालाल राजवाड़े के संपर्क में आ कर ये पूरे छग का दौरा करने लगे, शासकीय बैठको तक में शामिल होने लगे। इतना ही नही मंत्री के साथ हवाई सफर तक का आनंद ले कर अपने सात पुरखो को तार गए है। कुल मिलाकर सी ग्रेड के नेता मंत्री की घेराबंदी कर जनता से उनको दूर करा केवल अपने स्वार्थ सिद्धि में लगे है। केवल ठेकेदारी, निर्माणकार्य व अधिकारियो से उगाही कर ये सी ग्रेड के नेता अपना कोष बढ़ाकर कहीं न कहीं भईयालाल राजवाड़े का जनाधार कम करने में लग गए है।
हालात आज यह है कि श्री राजवाड़े के पास गिनती के जमीनी कार्यकर्ता ही बचे है। अब जो फौज उनके साथ चलती है उसमें जमीनी कार्यकर्ता नही बल्कि केवल नेता ही नजर आते है। अब चुनाव केवल एक साल ही शेष है। अब श्री राजवाडे़ को पुनः अपने विष्वासपात्र व निस्वार्थ काम करने वाले कार्यकर्ताओ को आगे ला कर बूथ स्तर पर जनता से जुड़ने की जरूरत है। अभी चुनावी मैदान में कांग्रेस के दावेदार खुलकर मैदान में नही उतरे है। केवल जोगी कांग्रेस के बिहारी राजवाड़े ही बूथ स्तर की दौड़ लगा रहे है। वहीं गोंडवाना भी यदा कदा रैली व धरना कर अपनी उपस्थिति का एहसास लगातार करा रही है। अभी भी वक्त है श्री राजवाड़े पुनः जनता के बीच पैठ बनाकर मंत्री बनने के बाद हुयी दूरी को कम सकते है। वरना इसमें कोई शक नही की आने वाले समय में श्री राजवाड़े को दिक्कत हो सकती है।
