जांजगीर-चांपा / चांपा के जगदल्ला में राइटर सेफ गार्ड कंपनी में हुई 63 लाख की डकैती मामले को सुलझाते हुए पुलिस ने पांच आरोपियों की गिरफ्तारी की है। आरोपियों से 21 लाख रुपए जब्त किए गए हैं।
आरोपियों का वारदात के बाद कोरबा की ओर भागना पुलिस के लिए पहला सुराग रहा। इसके बाद पुलिस करीब सात लाख मोबाइल कॉल की जांच कर 57 हजार संदिग्ध नंबरों तक पहुंची। इसके बाद वारदात की जगह आने-जाने वालों के सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल को टेक्निकल टीम ने स्क्रीनिंग कर डकैतों को ढूंढ निकाला। तफ्तीश के दौरान पुलिस टॉवरों से नंबरों की स्क्रीनिग करती रही और सीसीटीवी फुटेज से उन चेहरों की शिनाख्त भी जारी रही, जो लगातार मौके पर आ-जा रहे थे। इस दौरान कोरबा के ढाबा संचालक हाजी मेमन का हुलिया पुलिस को मिला और उसे हिरासत में लिया गया। उसने बताया कि मास्टर माइंड कोरबा के जामा मस्जिद का इमाम मोहर्रम अली है। उसने ही वारदात को साथियों के साथ अंजाम दिया है। हालांकि लूट के वक्त मोहर्रम मौके पर नहीं गया था। बिहार के बांका जिले के साथियों ने वारदात की थी, जिनमें बिहार बांका जिला खड़ियारा के सद्दाम, कुनैन, सिद्दीक और बाराहाट से प्रेम चौधरी और धनबाद से मो. शहजाद शामिल हैं। ढाबा संचालक हाजी डकैती की योजना समझने बिहार गया था। योजना तैयार होने के बाद उसने हथियार और गाड़ी की व्यवस्था की थी।
