हंगामे के बीच जी एस टी संबंधित मुआवजा संशोधन पास

नई दिल्ली / लोकसभा ने विपक्षी कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के शोरगुल के बीच राज्‍यों को जी एस टी से संबंधित मुआवजा संशोधन विधेयक-2017 पारित कर दिया है।

यह कानून इस वर्ष सितम्बर में जारी अध्यादेश का स्थान लेगा। इस विधेयक में पान मसाला, कोयला, गैस-मिश्रित पेय तथा तम्बाकू जैसी वस्तुओं पर जी एस टी मुआवजा उप-कर की दर की अधिसूचना जारी करने के लिए केंद्र सरकार को अनुमति का प्रावधान है। साथ ही लोकसभा ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली विधियां विशेष प्रावधान द्वितीय संशोधन विधेयक-2017 पारित कर दिया है। विधेयक में मलिन बस्तियों में रहने वालों तथा झुग्गी-झोपड़ी समूहों को अन्‍य जगह पर बसाने, रेहड़ी-पटरी वालों को नियमित करने की समय-सीमा बढ़ाने का प्रावधान है।

राज्यसभा ने भारतीय वन संशोधन विधेयक-2017 पारित कर दिया है। लोकसभा इसे पहले ही पारित कर चुकी है। यह 23 नवम्बर को राष्ट्रपति द्वारा जारी अध्यादेश का स्थान लेगा। विधेयक में गैर-वन क्षेत्र में लगाए गए बांस को वृक्ष की श्रेणी से अलग रखा गया है और इसकी कटाई तथा ढुलाई के लिए परमिट की आवश्यकता नहीं होगी। भारतीय पेट्रोलियम और ऊर्जा संस्‍थान विधेयक भी राज्‍यसभा में पारित होने के साथ संसद में पारित हो गया है। वि‍धेयक में आंध्रप्रदेश में विशाखापत्‍तनम में संस्‍थान की स्‍थापना और उसे राष्‍ट्रीय महत्‍व का संस्‍थान घोषित करने का प्रावधान है।

संसद का शीतकालीन सत्र शुरु होने के बाद से ही लगातार हंगामे की भेंट चढता रहा है । लोकसभा में हंगामे के बाद कुछ कामकाज हुआ लेकिन राज्यसभा लगातार बाधित होती रही । लेकिन बुधवार को नजारा बदला और सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सहमति बनने के बाद दोनों सदनों में दोपहर बाद सुचारु रुप से कामकाज हुआ । केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार हेगड़े के कथित विवादित बयान को लेकर लोकसभा में बुधवार को लगातार हंगामे की स्थिति बनी रही और कार्यवाही को कई बार स्थगित करना पडा । विपक्ष की ओर से कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने यह मुद्दा उठाया औरमंत्री के बयान पर आपत्ति जाहिर की तो सरकार ने साफ कहा कि बीजेपी और एनडीए की संविधान में अटूट श्रद्धा है और वह संविधान के सामने नतमस्तक है । संसदीय कार्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय मंत्री के बयानों को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया है ।

सरकार ने ये भी कहा कि कांग्रेस ने छद्म राष्ट्रवाद का इस्तेमाल किया है और यही वह पार्टी है जिसने बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर को कभी चुनाव नहीं लड़ने दिया और उन्हें पराजित करवा दिया था। कांग्रेस सदस्य सरकार के जवाब से संतुष्ट नहीं हुए और आसन के समक्ष नारेबाजी करते रहे । बार बार के स्थगन के बाद दोपहर बाद पौने तीन बजे सदन चला और माल और सेवाकर (राज्यों को प्रतिकर ) संशोधन विधेयक पर चर्चा हुई । चर्चा के बाद विधेयक को सदन ने पारित कर दिया ।

वहीं राज्यसभा में भी ये मसला उठा और हंगामा होता रहा । हंगामे की वजह से सदन में शून्यकाल और प्रश्नकाल दोनों नहीं हो पाये। बाद में हंगामे के बीच सभापति ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले को बोलने की अनुमति दी। अठावले ने अंबेडकर का स्मारक बना कर उनकी स्मृति का सम्मान करने के लिए प्रधानमंत्री की सराहना करते हुए कहा कि बाबा साहेब का अपमान कांग्रेस ने किया है।
इसके बाद भी हंगामा शांत नहीं हुआ तो सभापति वेंकैया नायडू ने हंगामा कर रहे विपक्षी सदस्यों से अपने स्थान पर लौट जाने की अपील करते हुए पूछा कि क्या वह सदन चलाना चाहते हैं या नहीं।

बार बार के हंगामे के बाद सदन को दोपहर बाद तक स्थगित करना पडा । राज्यसभा पिछले कुछ दिनों से पीएम मोदी की पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर की गयी कथित टिप्पणी को लेकर हंगामा हो रहा था । बुधवार को इस मसले पर सरकार और विपक्ष के बीच मुलाकात हुई और सरकार ने सदन में बयान दिया जिसके बाद सदन की कार्यवाही सुचारु रुप से चली । सरकार की ओर से अरुण जेटली ने कहा कि पीएम मोदी ने अपने वक्तव्य में मनमोहन सिंह की निष्ठा पर सवाल नहीं उठाए। इस बयान के साथ ही कांग्रेस ने मुद्दे् पर गतिरोध को खत्म करने का ऐलान किया और सरकार के साथ मिलकर काम करने का भरोसा दिया । बाद में सदन में वन संशोधन विधयेक पर चर्चा हुई जिसे बाद में पास कर दिया गया । बुधवार को भले ही कार्यवाही चली लेकिन पिछले कुछ दिनों के हंगामे के चलते कई जरुरी बिल अटके पडे हैं । सत्र के दौरान जो अहम विधेयक सरकार के एजेंडे में हैं उनमें तीन तलाक पर लगी रोक को कानूनी जामा पहनाने से संबंधित मुस्लिम महिला शादी के संरक्षण का अधिकार विधेयक, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक मान्यता से जुडा विधेयक , इन्सालवेंसी एंड बैंकरप्सी कोड संशोधन विधेयक, बैंकों, बीमा कंपनियों और वित्तीय संस्थानों के डूबे हुए पैसों के सुचारु निवारण के लिए तैयार विधेयक फाइनेंसियल रिजोल्यूशन एंड डिपोजिट इंश्योरेंस (एफआरडीआई) बिल,मोटरवाहन संशोधन विधेयक 2016 , ट्रांसजेंडर व्यक्ति अधिकार संरक्षण विधेयक और सेरोगेसी नियमन विधेयक शामिल है,इनमें से तीन तलाक से जुडे विधेयक को सरकार गुरुवार को पेश करने की तैयारी में हैं । बुधवार को दोनों पक्षों में बनी सहमति के बाद उम्मीद है कि बाकी बचे दिनों में तेजी से विधायी कामकाज निपटाया जाएगा ।

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