नई दिल्ली / पूर्वोत्तर के तीन राज्यों मेघालय, नगालैंड और त्रिपुरा में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतगणना जारी है। रुझानों में त्रिपुरा में भाजपा गठबंधन ने दो तिहाई बहुमत हासिल कर लिया है।
मेघालय में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। नगालैंड में बीजेपी गठबंधन आगे चल रहा है। त्रिपुरा में भाजपा के दो तिहाई बहुमत से बढ़त बनाए जाने और सरकार बनाने के स्पष्ट संकेतों के बीच पार्टी कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल देखा गया।
पूर्वोत्तर में भाजपा के शानदार प्रदर्शन के बाद भाजपा अध्यक्ष अमित शाह आज भाजपा मुख्यालय पहुंचे, जहां पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। अमित शाह ने मेघालय और नगालैंड के लोगों के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि मोदी जी के नेतृत्व में पूर्वोत्तर में विकास की यात्रा बरकरार रहेगी।
करीब महीने भर चले चुनावी संग्राम के बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं का उत्साह बता रहा है कि उत्तर पूर्व के तीन राज्यों में जीत के क्या मायने हैं। तीनों राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक जीत का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया जा रहा है। कभी जहां बीजेपी के लिए कुछ नहीं था वहां आज भाजपा ही सब कुछ है। पार्टी ने उत्तर-पूर्व में अब तक की सबसे बड़ी छलांग लगाई है।
पूर्वोत्तर में भाजपा की बड़ी जीत के सूत्रधार कई हैं। कुछ ने पर्दे के सामने से तो कुछ ने पर्दे के पीछे से अपनी कुशल रणनीति के कमाल से ऐसा जाल बुना कि जिसमें वाम दल और कांग्रेस सब फंस गए। बीजेपी की जीत में चाणक्य की भूमिका निभाने वाले पार्टी अध्यक्ष अमित शाह का नाम सबसे ऊपर आता है। शाह ने पूरे चुनाव के दौरान तीनों राज्यों में माइक्रो मैनेजमेंट के जरिए खास रणनीति इजाद की, जिसमें समाज के उन तबकों पर विशेष तौर पर फोकस किया गया, जो अब तक वंचित रहे हैं। शाह का बूथ मैनेजमेंट का फॉर्मूला भी कारगर रहा।
इसमें कोई दो राय नहीं कि चुनाव में चेहरा पीएम मोदी थे। ये मोदी की सुनामी थी, तो उसमें सूत्र अमित शाह ने रचे और गढ़े थे। उत्तर-पूर्व में असम के बाद तीन और राज्यों में भाजपा के बेहतरीन प्रदर्शन से साफ हो गया है कि इन नतीजों की चमक 2019 के लोकसभा चुनाव पर भी असर डालेगी।
