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मोदी सरकार बनी घोटाले की सरकार: कांग्रेेस – लूट की छूट और मोदी जी म्यूट 

रायपुर / कांग्रेस के संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि आए दिन एक नए घोटाले का खुलासा मोदी सरकार के नाक के नीचे उनके प्रत्यक्ष या परोक्ष संरक्षण में हो रहा है। प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री दोनों मौन व्रत पर हैं। पिछले कुछ महीनों में और दिनों में हुए अगर घोटालों को आप जोड़ें तो अब तक 54,318 करोड़ के आठ घोटाले उजागर हो चुके। 

1 बैंक आॅफ बड़ौदा विदेशी मुद्रा घोटाला 6400 करोड़ 

2 विजय मालया बैंक घोटाला 9000 करोड़

3 निमो़ + चैकसी बैंक लूट घोटाला 22606 करोड़

4 मेहुल चोकसी जन धन लूट योजना 5000 करोड़ 

5 विक्रम कोठारी रोटोमेक घोटाला 3695 घोटाला 

6 द्वारका दास ज्वेलर्स बैंक घोटाला 390 करोड़

7 कैनरा बैंक घोटाला 515 करोड़ 

8 विनसम बैंक लूट घोटाला 6712 करोड़।

इन सारे आठ घोटालों का टोटल जो हाल में ही मोदी जी की नाक के नीचे हुए वो 54,318 करोड़ आता है और चैंकाने की बात ये है कि 9 फरवरी, 2018 को देश की इक्नॉमिक कैपिटल मुंबई में जहाँ छोटे मोदी यानि नीरव मोदी, मेहूल चोकसी और बाकी की शिकायत भी दर्ज करवाई गई थी, वहाँ से आरटीआई से जो सूचना आई, उसने अब ये बताया कि 2015-16 और 2017 अकेले तीन साल में न्ॅ मुंबई में 19,317 करोड़ के गबन के मुकदमे और राशि दर्ज करवाई गई। 2015 में 5,560 करोड़, 2016 में 4,273 करोड़, 2017 में 9,838 करोड़, ये कुल टोटल बैठा 19,317 करोड़ जो मोदी जी और फडनवीस की नाक के नीचे और घोटाले हुए और इनमें और कमाल की बात ये है कि सरकार अब लिखकर मान रही है, भारतीय जनता पार्टी की सरकार लिखकर मानती है कि 184 घोटालेबाज रफूचक्कर हो गए। यानि उनका कोई अता-पता नहीं, वो भगौडे हो गए। वो देश में भगौडे हैं या विदेश में टैक्स हेवन में मौज कर रहे हैं। इसका खुलासा होना अभी बाकि है और 19,317 करोड़ में से भाजपा की पुलिस ने उस पैसे को रिक्वर करने की बड़ी गहन मेहनत की और ढाई करोड़ रुपया तीन साल में रिक्वर करके दिखाया। कितना बहादुरी का काम किया। केवल 19,314 करोड़ रुपया ही तो डूब गया। बैंकों का भी डूब गया और व्यक्तियों का भी डूब गया। अब ये 19,317 करोड़ भी अगर आप जोड़ दें, 54,318 करोड़ में तो ये 73,500 करोड़ या 73,635 करोड़ के घोटाले मोदी जी की नाक के नीचे अब उजागर हो चुके। इसलिए लोग कह रहे हैं कि लूट की छूट और मोदी जी म्यूट। अब बोलेंगे कब, ये जवाब वो देंगे। मोदी सरकार चर्चा से भाग रही है की भगौडो को बाहर भगा रही हैं। देश का पैसा लूट कर भगौडों को भगाने में मदद करने वाली सरकार अब देश की संसद से भी भगौडी हो गई है। क्योंकि ना तो मोदी सरकार चर्चा चाहती है और ना किसी को पकड़ना, ना उन्हें परिणाम से मतलब, उन्हें केवल और केवल हेडलाईन मैनजमेंट से मतलब है। देश का पैसा लूट कर भाग जाने वाले व्यक्तियों से सरोकार नहीं, क्योंकि वो तो मोदी सरकार की नाक के नीचे, प्रत्यक्ष या परोक्ष संरक्षण में भागे हैं। मोदी जी बताएं छोटा मोदी एक और छोटा मोदी दो भागे कैसे? हमारे मेहूल भाई भागे कैसे, द्वारका दास सेठ ज्वेलरस के मालिक भागे कैसे और आए दिन 184 ये नए भगौडे भाग गए, देश का पैसा लूट कर ये कैसे भागे? भगौडों को बचा कौन रहा है? इसलिए तो हमने कहा था कि ‘भगौडो का विकास और लूटरों का साथ’ ये नया नारा अब मोदी सरकार का बन गया है। इन घोटालों पर संसद में चर्चा हो क्यों नहीं रही है, इस सवाल का जवाब मोदी जी और वित्त मंत्री जी को देना चाहिए। चर्चा होगी तो जवाबदेही भी होगी। जवाबदेही होगी तो बैंक लूटने वालों और लोगों का पैसा लेकर भागने वालों के खिलाफ कार्यवाही भी होगी। सदन के प्रति जवाबदेही से बचने वाली मोदी सरकार अब अनरगल बयानबाजी कर देश का ध्यान भटका रही है। परंतु हम ऐसा होने नहीं देंगे। 130 करोड़ देश की जनता को तो मोदी जी को जवाब देना होगा कि छोटा मोदी और उनके मेहूल भाई भागे कैसे और भगाए किसने? देश का पैसा लूटा कैसे और लुटवाया किसने? लूटेरों का साथ और भगौडो का विकास कर कौन रहा है और लूट की छूट और मोदी जी म्यूट क्यों हैं? लूटेरा बचाओ, लूटेरा भगाओ’ योजना की अगली किश्त लेकर मोदी सरकार हाजिर हैं। लगता है मोदी जी की सरकार का नया नारा ये है कि ‘बेरोजगार युवा बेचें पकौड़े और देश लूट कर ऐश करें भगौड़े’। लगता है कि इससे अधिक सटीक कोई बात मोदी सरकार के मौजूदा चाल-चेहरे और चरित्र को चरितार्थ नहीं कर सकती।

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