पीटीआई के हवाले से खबर है कि उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश ए एम खानविलकर न्यायाधिकरण के अध्यक्ष नामित किये गये हैं। पटना उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति रविरंजन और दिल्ली उच्च न्यायालय की न्यायाधीश न्यायमूर्ति इंद्रमीत कोर कोच्चर उसके दो अन्य सदस्य हैं। शीर्ष अदालत ने 23 जनवरी को केंद्र को न्यायाधिकरण के गठन का आदेश दिया था।
मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘ न्यायाधिकरण का दिल्ली में मुख्यालय होगा।’’
ओड़िशा सरकार दिसंबर, 2016 में उच्चतम न्यायालय पहुंची थी और मांग की थी कि वह छत्तीसगढ़ को महानदी के ऊपरी हिस्से में परियोजना पर काम रोकने का आदेश दे क्योंकि इससे राज्य में नदी के प्रवाह पर असर पड़ा है। ओड़िशा ने न्यायाधिकरण के गठन की भी वकालत की थी।

नयी दिल्ली / केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय ने ओड़िशा और छत्तीसगढ़ के बीच महानदी के पानी के बंटवारे के विवाद पर फैसला करने के लिए आज तीन सदस्यीय महानदी जल विवाद न्यायाधिकरण के गठन की अधिसूचना जारी की।