Advertisement Carousel

चिर यायावर राहुल सांकृत्यायन का जन्मदिवस मनाया गया

कोंडागाव / सुनील यादव / चिर यायावर, महापंडित, महान साहित्यकार राहुल सांकृत्यायन के जन्मदिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ हिंदी साहित्य परिषद कोंडागाँव तथा “ककसाड़” के द्वारा उनके साहित्य के दूरगामी सामाजिक प्रभाव विषय पर ‘मां दंतेश्वरी हर्बल इस्टेट‘ में एक परिचर्चा आयोजित की गई। इसमें राहुल सांकृत्यायन के साहित्य के सामाजिक अवदान विषय पर विभिन्न वक्ताओं ने प्रकाश डाला।

सर्वप्रथम ब्रजेश तिवारी ने उन्हें सदी का महान यायावर साहित्यकार बताते हुई उनकी रचनाओं के विषय वस्तुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। राहुल सांकृत्यायन की कृतियों पर चर्चा करते हुए डॉ. राजाराम त्रिपाठी नें कहा कि राहुल सांकृत्यायन का रचना संसार बहुत व्यापक है तथा रचनाओं की विषय वस्तुओं में भी उतनी ही ज़्यादा विविधता है। उनकी कृति वोल्गा से गंगा तक एक बेहतरीन एवं पठनीय रचना है, किंतु ऐतिहासिक दृष्टिकोण से यह रचना आवश्यक, निर्णायक वैज्ञानिक तथ्यों की माँग को भली भांति पूरा नहीं करती, अतएव अनावश्यक रूप से भारतीय समाज में विघटन के बीज, अनजाने अनचाहे रूप से ही सही पर बोती है।

कार्यक्रम के द्वितीय भाग में कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें छत्तीसगढ़ हिंदी साहित्य परिषद की संरक्षक प्रख्यात शिक्षाविद् टी एस ठाकुर तथा छत्तीसगढ़ हिंदी साहित्य परिषद के अध्यक्ष सुरेंद्र रावल, उपाध्यक्ष हरेंद्र यादव कोषाध्यक्ष, ब्रजेश तिवारी, वरिष्ठ साहित्यकार यशवंत गौतम, जिला पत्रकार संघ के अध्यक्ष जमील खान, बौद्धिक संपदा अधिकार विशेषज्ञ Advocate अपूर्वा त्रिपाठी कृष्ण कुमार पटेरियां तथा अन्य साथी साहित्यकार उपस्थित थे।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि टी एस ठाकुर थे तथा अध्यक्षता सुरेन्द्र रावल ने की।

कार्यक्रम की शुरूआत में सरस्वती पूजन के साथ ही जनजातीय चेतना, कला, संस्कृति, साहित्य तथा समाचार की मासिक पत्रिका ‘ककसाड़’ के 31 वें अंक (अप्रैल अंक) का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ कवयित्री मधु तिवारी ने किया। कार्यक्रम के अंत में समापन भाषण देते हुई टी एस ठाकुर ने कहा कि इस तरह के आयोजन समाज को नई दिशा देते हैं तथा ऐसे आयोजन निश्चित रूप से ही होते रहने चाहिए और छत्तीसगढ़ हिंदी साहित्य परिषद तथा ‘ककसाड़’ इसके लिए बधाई तथा धन्यवाद के पात्र है। 

error: Content is protected !!