कोरिया / बाल विवाह एक अपराध है यह बात नही जानने वाले अक्सर गलती कर जाते है पर समय रहते कोरिया जिले के महिला बाल विकास विभाग ने एक माह में 8 शादियों ऐसी शादियों को रोका है जो बाल विवाह की श्रेणी में आता हो। विभाग इसे बड़ी कामयाबी मान रही है और आगे भी ऐसी शदियों को रोके जाने का विस्वास दे रही है।
बता दे कि नरेन्द्र कुमार दुग्गा के मागदर्शन मे व जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग के नेतृत्व में कोरिया जिले मे 08 बाल विवाह रोके गए।
यह बाल विवाह क्रमशः निम्न स्थलो पर बोडेमुडा ग्राम धनपुर, नावाटोला, बंशीपुर नावाटोला, फुनगा सरई झरिया महोरा अम्बेडकर थाना पटना, मुरमा (ूहुआपारा), परसापारा डुमरिया, मुरमा (महुआपारा) मे रोके गये है। वर – वधु के परिवार वालो को समझाईस दी गई कि बाल विवाह केवल एक सामाजिक बुराई ही नही अपितु काननून अपराध भी है। जिससे कम उम्र की बालिकाओं पर क्या शारीरिक दुप्रभाव पड़ सकता है, जिसके अनुक्रम में विवाह पंजीयन रजिस्टर हो तथा विवाह सपन्न होने के पूर्व यह पंचायत (सचिव) द्वारा सुनिश्चित किया जाना चाहिए की वर वधु की उम्र विवाह योग्य हो चुकी है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अंतर्गत बाल विवाह करने वाले वर एवं वधु के माता-पिता संगे संबधी एवं विवाह कराने वाले पुरोहित पर भी कानूनी कार्यवाही की जा सकती है।

बाल विवाह को रोकने में स्थानीय जनप्रतिनिधि, कोटवार, सामाजिक कार्यकर्ता, परियोजना अधिकारी, पर्यवेक्षक, चाईल्ड लाईन एवं जिला बाल संरक्षण इकाई के कर्मचारियो का बाल विवाह रोकने मे महत्वपूर्ण भूमिका थी। ग्राम पंचायत बाल संरक्षण समिति के संरपंच/सचिव आंगनबाडी कार्यकर्ता एवं सदस्य बाल विवाह को रोकने हेतु सक्रिय रूप से अपने ग्राम पंचायत मे कार्य कर रहे है, साथ ही ब्लाक स्तर पर एस.डी एम परियोजना अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला बाल संरक्षण इकाई के अधिकारी/कर्मचारी व चाइल्ड लाईन के वर्कर बाल विवाह को रोकने के लिये लगातार प्रयास कर रहे है एवं चाइल्ड लाईन हेल्फ नंम्बर 1098 पर भी लोगो के द्वारा बाल विवाह की सूचना प्राप्त हो हो रही है।
जिला बाल संरक्षण अधिकारी आशीष गुप्ता ने बताया कि
किसी भी जन सामान्य नागरिक को इस बात की जानकारी मिलती है की किसी विशेष स्थान पर बाल विवाह कराया जा रहा है तो तत्काल इसकी सूचना, स्थानीय थाना, बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी (अनुविभागीय अधिकारी) अथवा जिला बाल सरंक्षण अधिकारी को सूचित करे। हर जनसामान्य के योगदान से ही इस अपराध को रोका जा सकता है। आगे बताया कि पूरे जिला में बाल संरक्षण इकाई टीम के साथ महिला बाल विकास विभाग विशेष किशोर पुलिस यूनिट, चाईल्ड लाईन स्थानीय सरपंच व सचिव का सहयोग प्राप्त हों रहा है।
