नई दिल्ली / कई राज्यों में नकदी संकट को देखते हुए स्टेट बैंक ग्राहकों के लिए राहत भरी खबर है। उसने छोटे शहरों में खुदरा बिक्री केन्द्रों पर पॉइंट ऑफ सेल्स (पीओएस) मशीनों से रोजाना 2,000 रुपये तक मुफ्त निकालने की सुविधा देना शुरू कर दिया है। स्टेट बैंक ने यह सुविधा रिजर्व बैंक के दिशा-निर्देशों पर देना शुरू किया है। रिजर्व बैंक ने सभी बैंकों को निर्देश दिया था कि वे टियर-1 और टियर-2 श्रेणी के शहरों में ग्राहक खुदरा दुकानों पर उपलब्ध पीओएस से 1,000 रुपये और छोटे कस्बों में 2,000 रुपये तक निकालने की सुविधा शुरू करें। बैंक ने एक ट्वीट में बताया-देश में 4.78 लाख पीओएस मशीन से 2,000 रुपये तक का नकदी निकाली जा सकती है।
बैंक के उपप्रबंध निदेशक (मुख्य परिचालन अधिकारी) नीरज व्यास ने ट्वीट में कहा कि ग्राहक अब टियर-3 से टियर-6 श्रेणी के शहरों में 2,000 रुपये तक निकाल सकेंगे। वहीं टियर-1 और टियर-2 श्रेणी के शहरों में 1,000 रुपये तक की निकासी पीओएस मशीन से कर सकते हैं। ग्राहक यह निकासी स्टेट बैंक या अन्य किसी बैंक के डेबिट कार्ड से हर दिन कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें कोई शुल्क नहीं देना होगा। स्टेट बैंक के पास कुल 6.08 लाख पीओएस मशीन हैं जिनमें से 4.78 लाख पर नकदी निकालने की भी सुविधा है। पिछले कुछ दिनों में देश के कुछ राज्यों में एटीएम मशीनों में नकदी उपलब्ध नहीं होने की रिपोर्ट आई हैं। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार में एटीएम से नकदी नहीं मिलने के समाचार आने के बाद यह कदम उठाया गया है। इससे पहले दिन में स्टेट बैंक के चेयरमैन रजनीश कुमार ने कहा था कि एटीएम में नकदी की समस्या का शुक्रवार तक समाधान हो जाएगा। जिन राज्यों में कमी है वहां नकदी भेजी जा रही है।
इस बीच, कन्फेडरेशन ऑफ एटीएम इंडस्ट्री (CATMI) ने मांग की है कि एटीएम से ट्रांजैक्शन करने पर चार्ज कम से कम 3 रुपए से 5 रुपए बढ़ना चाहिए। इससे एटीएम ऑपरेटर्स बढ़ती महंगाई में अपनी लागत निकाल सकेंगे। CATMI के निदेशक के. श्रीनिवास ने कहा कि हाल ही में आरबीआई ने काफी सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं। इससे एटीएम सर्विस प्रोवाइडर्स की कुल लागत में बढ़ोतरी होगी। फिलहाल, सभी बैंक दूसरे बैंकों के कस्टमर से अपने बैंक के एटीएम का इस्तेमाल करने पर हर बार कैश निकालने पर 15 रुपए और दूसरे नॉन कैश ट्रांजैक्शन पर 5 रुपए लेते हैं, जो 5 ट्रांजैक्शन के बाद हर बैंक ग्राहक को देना पड़ता है।
