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चिरमिरी डेवलपमेंट सोसायटी की बैठक सम्पन्न, एसईसीएल प्रबंधन द्वारा छोटा बाजार और बड़ा बाजार का विस्थापन करने के प्रयास पर जताया एतराज, जरूरत पड़ने पर आंदोलन की दी चेतावनी

चिरमिरी / छोटा बाजार एवं बड़ा बाजार के ऊपर विस्थापन के मंडरा रहे खतरे पर बीते रविवार को छोटा बाजार के बाबू लाईन में बने सामुदायिक भवन में चिरमिरी डेवलपमेंट सोसायटी की बैठक सम्पन्न हुई। जिसमें उपस्थित सदस्यों में अपने विचार रखे और इस समस्या से निपटने के लिए संघर्ष करने पर जोर दिया। लेकिन बैठक में संघर्ष करने के लिए कोई रणनीति नही बन पाई और अगली बैठक में इस पर ठोस रणनीति बनाने की बात कही गई।

सोसायटी के अध्यक्ष प्रोफेसर भागवत प्रसाद दुबे ने अपने उद्बोधन में कहा कि बड़ा बाजार नाले के पास कोयले की सिम में लगी आग को बुझाने के बजाय एसईसीएल प्रबंधन छोटा बाजार और बड़ा बाजार की आबादी को विस्थापित करने की तैयारी कर रहा है। मात्र 10 साल के कोयला उत्खनन के लिए 50 साल से बसी आबादी को उजाड़ने की नीति सही नही है। छोटा बाजार और बड़ा बाजार में लगभग 20 हजार लोग निवास कर रहे है। इसे इतनी आसानी से हटाया नही जा सकता। कोयले में लगी आग को बुझाना एसईसीएल प्रबंधन की जिम्मेदारी है। इस पर कालरी प्रबंधन को गम्भीर होना पड़ेगा।
चिरमिरी डेवलपमेंट सोसायटी की इस बैठक में अध्यक्ष भागवत प्रसाद दुबे व सचिव मनोज जैन के साथ वरिष्ठ सदस्य श्याम सुंदर गुप्ता, उपाध्यक्ष गोपी जायसवाल व दिगम्बर सिंह, कोषाध्यक्ष ओम प्रकाश गुप्ता, सुरेश अग्रवाल, राम बाबू अग्रवाल, डॉ विनय जायसवाल, वार्ड क्रमांक-21 की पार्षद रिद्धि भार्गव, वार्ड 20 के पार्षद रज्जाक खान, वार्ड 22 की पार्षद फिरोजा बेगम, वार्ड 23 के पार्षद मनोज भोई, प्रिंस ताम्रकर, चेतन राज, सुधीर अग्रवाल, संदीप, मुख़्तार खान, देवदास, मकसूद, गोविन्द साहू, तापस सरकार, जगन्नाथ सविता, चूड़ामन दास, राजेश मौर्या, नुरुल हसन, इमरान खान, वरुण शर्मा, पुनीत राज शेंडे, मो. हसन, विकास त्रिपाठी, किशनलाल, महेश अग्रवाल व बड़ी संख्या में छोटा बाजार व बड़ा बाजार के नागरिक शामिल रहे ।

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