कोरिया सहित सूरजपुर में पुलिसकर्मियों के परिजनों ने सरकार के खिलाफ जमकर बोला हल्ला, सौंपा ज्ञापन- देखें वीडियों…

कोरिया सहित सूरजपुर जिले में पुलिस कर्मियों के परिजनों ने विशाल रैली निकाली और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर जिलेभर के पुलिस थानों में पदस्थ पुलिसकर्मियों के परिजनों ने सरकार के खिलाफ जमकर हल्ला बोला।

गौरतलब है कि प्रदेशभर के पुलिस कर्मचारियों ने अपनी महत्वपूर्ण मांगो को लेकर आंदोलन का शंखनाद किया हैं। पुलिस कर्मचारियों के परिजनों के द्वारा मोर्चा खोलने का प्रदेश में यह पहला मामला है और इसी के तहत कोरिया व सूरजपुर में पुलिसकर्मियों के परिजनों ने सप्ताह में एक दिन अवकाश समेत विभिन्न सुविधाओ और मांगो को लेकर कलेक्टर परिसर में प्रदर्शन करते हुए मांग पत्र सौंपा हैं।

पुलिस कर्मियों के परिवार के लोगों कहना है की राज्य के सभी तृतीय वर्ग के पुलिस कर्मचारियों के वेतन एवं भत्ते केंद्र सरकार के तृतीय वर्ग कर्मचारियों की तरह दिए जाएं, राज्य के सभी तृतीय वर्ग पुलिस कर्मचारियों के आवास की समुचित उपलब्ध बल के अनुरूप की जाए, पुलिस की व्यवस्था को मध्यप्रदेश की तरह बंद कर किट भत्ता दिया जाए, ड्यूटी के दौरान मरने वाले कर्मचारी को शहीद का दर्जा देते हुए मध्यप्रदेश की तरह 1 करोड़ रूपये की सहायता राशि व परिवार के 1 सदस्य को अनुकम्पा नियुक्ति दी जाए, अवकाश की पात्रता को अन्य विभागों की तरह अनिवार्य किया जाए और सप्ताह में एक दिन छुट्टी निश्चित की जाए, अन्य विभागों की तरह राज्य के तृतीय वर्ग पुलिस कर्मचारियों के परिवार के मुफ्त इलाज की व्यवस्था प्रदान की जाए, अन्य विभागों की तरह पुलिस के ड्यूटी करने का समय 8 घंटे निश्चित किया जाए और निर्धारित समय से ज्यादा कार्य लेने पर अतिरिक्त भुगतान दिया जाए। नक्सल प्रभावित जिलों में तैनात बल को उच्च मानक के सुरक्षा उपकरण जैसे बुलेट प्रूफ जैकेट व अत्याधुनिक हथियार उपलब्ध कराए जाये, बस की सुविधा, मध्यप्रदेश पुलिस की तरह वरिष्ठता के आधार पर प्रमोशन दिया जाए पुलिस जवान को उसके सेवाकाल में कम से कम तीन प्रमोशन अनिवार्य रूप से किया जाये, छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग कर्मचारियों के ग्रेड पे में अंतर है। पटवारी का ग्रेड पे 2400 नर्सिंग स्टाफ का ग्रेड पे 2800 और आरक्षकों का ग्रेड पे 1900 यह अन्याय है पुलिस जवानों का ग्रेड पे भी 2800 होना चाहिए ऐसी ही तमाम मांगों को लेकर पुलिसकर्मियों के परिजनों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर हल्ला बोला। उनका कहना था कि हमारी इन समस्याओं की तरफ कभी किसी ने ध्यान नहीं दिया जिसके चलते हमें मजबूर होकर आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है।

आपको बता दे की पुलिसकर्मियों के इस मांग कांग्रेस और जोगी कांग्रेस का समर्थन मिला है।

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