Advertisement Carousel

बड़ा आरोप – भूपेश बघेल अपना रहे हैं दोहरा मापदंड – शंकर तिवारी

रायपुर / ताज़ा राजनीतिक हालातों पर जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे के प्रदेश महासचिव शंकर तिवारी ने कांग्रेस में चल रही उथल-पुथल पर कटाक्ष करते हुए कहा है कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष का फरमान तानाशाही रवैया है।

गौरतलब है कि हाल ही में छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल ने एक फरमान जारी किया है की जिन जिलाध्यक्षों वह ब्लॉक अध्यक्षों को विधानसभा चुनाव 2018 में टिकट चाहिए उन्हें अपने पदों से तत्काल प्रभाव से इस्तीफ़ा देना पड़ेगा।

आगे शंकर तिवारी ने सवाल उठाया है कि क्या भूपेश बघेल का यह फरमान पार्टी के सभी पदों पर लागू होगा या यूं कहें कि शीर्ष नेतृत्व से लेकर नीचे स्तर के सभी पदों पर लागू होगा और अगर नहीं तो क्या इसके पीछे मनी गेम है। क्योंकि मीडिया से प्राप्त खबरों के अनुसार विधानसभा चुनाव के दावेदारों से आवेदन के साथ साथ ₹50000 सहयोग राशि प्राप्त करने की भी खबरें विगत दिनों सामने आई थी। इसके पूर्व भी जब प्रदेश की नई कार्यकारिणी में नए जिलाध्यक्षों की नियुक्तियां हुई थी तो भी पैसों के लेन-देन की बातें सामने आई थी।

ज्ञात हो कि सूत्रों के हवाले से जो खबर आई थी उसके मुताबिक इन प्रकरणों में छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी के प्रभारी का भी नाम सामने आ रहा था तो क्या यह फरमान ACC से जारी हुआ है कि चुनाव में पदों और टिकटों का बँटवारा टिकट प्लेन टिकट पाने वालों के गुणवत्ता नहीं बल्कि राशि के आधार पर होगी और अगर इस बात में जरा भी सच्चाई है तो 130 साल पुरानी कांग्रेस पार्टी पर एक बहुत बड़ा सवालिया निशान लगता है क्योंकि पिछले 3 चुनाव में हार का ठीकरा कांग्रेस ने हमारी पार्टी के सुप्रीमो अजीत जोगी के ऊपर फोड़ा था। इससे यह साफ जाहिर होता है कि कांग्रेस में आपसी कलह और गुटबाज़ी ही कांग्रेस को सत्ता से दूर रखने के लिए जिम्मेदार थी और है, ना कि अजीत जोगी।

आगे श्री तिवारी ने भूपेश बघेल से प्रश्न पूछा कि क्या यह नियम केवल उनके अधीनस्थ पदाधिकारियों के लिए ही लागू होता है या उन पर भी लागू होता है। लेकिन मीडिया से मिली जानकारियों के मुताबिक भूपेश बघेल के ऊपर जब बात आती है वे कहते हैं कि अगर आलाकमान का निर्देश होगा तो वह भी पद छोड़ देंगे जब की बात यह है कि उनके क्षेत्र से ही उनकी हार उन्हें सुनिश्चित दिखाई दे रही है इसीलिए वे ना तो चुनाव लड़ेंगे और ना ही पद छोड़ेंगे और पदासीन होकर अपने पद का उपयोग करते हुए पैसे बनाने का काम कर रहे है।

यही नहीं नेता प्रति-पक्ष और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दोनों मिलकर गुटबाजी को बढ़ावा दे रहे हैं और पार्टी की गरिमा को खराब कर रहे हैं। इससे यह साबित होता है कि इस बार छत्तीसगढ़ की जनता, कांग्रेस को चाहते हुए भी वोट नहीं देगी और पूरा समर्थन अजीत जोगी के नेतृत्व में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ को मिलेगा और पार्टी संपूर्ण बहुमत से छत्तीसगढ़ में सरकार बनाने जा रही है।

error: Content is protected !!