राजपुर – बलरामपुर से रंजीत सोनी / जिले के राजपुर ग्राम परसवारकला महान नदी में 26 जुलाई को एक महिला अपनी छोटी बहन के दशगात्र में जाने के दौरान नदी में बह गई थी। चार दिन बाद महिला की शव ढोढ़ीपारा के पास रेत में फसा हुआ मिला। महिला का शव को मौके पे ही पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया।
बलरामपुर जिले के राजपुर थानातंर्गत ग्राम परसवारकला के बड़कापारा निवासिन 60 वर्षिय जुठनी उर्फ कोठिन पति मंगना गोड़ की चोटी बहन ग्राम कोटरीपारा निवासी हीरा गोड़ की मौत हो गई थी। 26 जुलाई गुरुवार को उसका दशगात्र का कार्यक्रम में शामिल होने ले लिए अपने घर से दोपहर करीब 12 बजे निकली थी। महिला गांव से होकर महान नदी गांव वालों के साथ आई थी। नदी में बाढ़ को देखकर महिला रुक गई थी। अधिक बारिश होने के कारण जल स्तर काफी बढ़ा हुआ था। 60 वर्षिय बृद्धा नदी किनारे खड़ी थी। इसी दौरान नदी तेज प्रवाह में महिला को अपने चपेट में के लिया। महिला का पैर फिसलने से महिला देखते- देखते नदी में बह गई थी। मौके से ही गांव वाले तत्काल राजपुर थाना प्रभारी अखिलेश सिंह को दी थी। मौके पे थाना अमला के साथ एसडीएम भी पहुचे थे। नदी में अधिक पानी होने के कारण महिला का शव का पता नही चल पाया था।
चार दिन बाद रविवार दोपहर करीब 1 बजे ग्राम परसवारकला से करीब एक किलोमीटर दूर ढोढ़ीपारा महान नदी किनारे रेत में महिला का शव फसा हुआ भूखन राम ने देखा उनके बाद गांव वालों को सूचना दिया। गांव वालो ने तत्काल सूचना राजपुर थाना प्रभारी अखिलेश सिंह को दी मौके पे पुलिस अमला पहुच कर महिला का शव को मौके पे ही पंचनामा पश्चात डॉक्टर बुलाक़र पोस्टमार्टम कराकर शव को परिजनों को सौंप दिया।

ग्राम परसवारकला महान नदी में पुल नही बनने से बारिश में कई गांवों का संपर्क टूटजाता है… ग्राम परसवारकला महान नदी में पुल नही बनने के कारण बारिश में कई गांवों का सम्पर्क टुटजाता है। नदी में अधिक पानी होने के कारण आज तक तीन लोगों की जाने जा चुकी है। बारिश में ग्रामीणों के साथ स्कूल आने जाने वाले छात्र-छात्राओं को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। नाव के माध्यम से अपना जान जोख़िम में ड़ालकर आनाजाना होता है। दो वर्ष पूर्व तत्कालिक कलेक्टर अवनीश कुमार शरण के द्वारा बनारस से पुराना नाव मंगाकर दिया गया था। देखरेख के अभाव में नाव आज कंडम स्थिति में पड़ा हुआ है।
ग्राम धंधापुर- लोधीडांड़ पुल भी दो वर्षो से टूटा हुआ पड़ा है.. ग्राम धंधापुर – लोधीडांड़ का महान नदी दो बर्षो से टूटा हुआ पड़ा है। प्रशासन ध्यान नदी दे रही है। आज भी गांव के ग्रामीण व स्कूल के छात्र- छात्राओं को जान जोखिम में डालकर नाव के सहारे आनाजाना हो रहा है। पुल टूट जाने से ग्राम परसवारकला, धंधापुर, लोधीडांड़, रेवतपुर, शिवपुर, कुंदी, बदौली, दुप्पी-चौरा, मरकाडांड़, मसगा, करसी, मकनपुर आदि गांव के ग्रामीणों व विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
