कोरिया / नगर पालिका परिषद बैकुण्ठपुर के उपाध्यक्ष सुभाष साहू ने पालिका क्षेत्र के निर्माण कार्यो में बरती जा रही भारी लापरवाही के खिलाफ जांच करने मुख्य नगरपालिका अधिकारी को पत्र प्रेसित किया है। साथ ही खनिज न्यास से राम मंदिर तालाब गहरीकरण, सौदर्यीकरण कार्य राशि लगभग 35 लाख रू. एवं सिविल लाईन में स्ट्रीट लाईट विस्तार कार्य हेतु राशि 32 लाख रू. के भुगतान को रोकने की बात लिखी है। समय रहते है अगर इन मामलो की जाँच व भुगतान को रोकी नहीं जाती है तो एल्डरमेन, पार्षदगण और शहरवासीयों के साथ नगरपालिका का घेराव, धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी भी पालिका उपाध्यक्ष ने दी है।
उपाध्यक्ष सुभाष साहू के पत्र अनुसार शहर के हृदय स्थल में राम मंदिर तालाब है जंहा पर छठ पुजा जैसे अनेक धार्मिक, सामाजिक कार्य होते है जिसके गहरीकरण, सौंदर्यीकरण हेतु लगभग 34 लाख रू. की राशि स्वीकृत हुआ था। जिस कार्य में भारी अनियमितता बरती गई है एवं कार्य अधूरा कर छोड़ दिया गया है।
(अ) राम मंदिर में तालाब गहरीकरण का कार्य स्टीमेट के आधार पर 5 फीट होना था जो लगभग ढाई फीट खुदाई कर छोड़ दिया, जिसकी निष्पक्ष जांच हो।
(ब) तालाब सौदंर्यीकरण,घाट निर्माण कार्य होना था जो नाम मात्र के लिए प्रारंभ कर अधुरा छोड़ दिया गया जहां आने वाले समय में छठ पूजा जैसे धार्मिक कार्य उसी तालाब से होना है। जिससे धार्मिक कार्य में परेशानी उठानी पड़ेगी जिसकी निष्पक्ष जांच हो।
(स) उक्त धार्मिक तालाब में शहर के नाले के गंदे पानी को छोड़ा जाता है जिससे तालाब का पानी गंदा होता है एवं धार्मिक भावनाओं के ठेस पहुचांया जाता है जिसकी निष्पक्ष जांच हो।
शहर के सिविल लाईन मं स्ट्रीट लाईट विस्तार हेतु खनिज न्यास से लगभग 32 लाख रू. की स्वीकृति मिली थी जिसका मापदण्ड के अनुरूप कार्य नही किया गया है। जिसकी निम्न बिंदुओं पर जांच करने की आवश्यकता है एवं जांच उपरांत सभी पार्षदों के समक्ष अवलोकन के पश्चात् ही भुगतान किया जावे। सिविल लाईन में स्ट्रीट लाईन विस्तार में भारी अनियमितता बरती गई है जिसकी निम्न बिंदुओं पर जांच होने की आवश्यकता है:-
(अ) सिविल स्ट्रीट लाईट विस्तार में जो पोल लगाए गए है जो मापदण्ड के अनुसार मोटाई, उंचाई वनज क्या है? जिसकी निष्पक्ष विडियोग्राफी के साथ जांच हो।
(ब) लाईट विस्तार में पोल के नीचे बेस की गहराई एवं वायर विस्तार में बेस की गहराई एवं वायर के नीचे के बेस मापदण्ड के अनुसार जांच हो।
(स) लाईट विस्तार मं लगें कितने एम.एम. का होना चाहिए एवं लाईट किस कम्पनी की होनी चाहिए । मापदण्ड के अनुसार निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
