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19 माह बाद शासन ने बिना डिग्री के सीजर प्रसव कराने वाली महिला चिकित्सक के सेवा समाप्ति का आदेश किया जारी

00 चिरमिरी पुलिस ने मृतिका के परिजनों और उसके पति की शिकायत के बाद अपनी विवेचना पर थाना चिरमिरी में 304 भाग 2 भादवि तथा छग राज्य उपचार ग्रह 2010 की धारा 12 के तहत दर्ज किया था अपराध
00  वर्तमान में महिला चिकित्सक शासकीय शहरी स्वास्थ्य केंद्र डोमनहिल में एक महिला चिकित्सक के रूप में दे रही है अपनी सेवा और अपने निजी निवास हल्दीबाड़ी भैसा दफाई में नार्मल प्रसव के साथ डिजिटल सोनो ग्राफी कार्य का कर रही संचालन , आरटीआई कार्यकर्त्ता राज कुमार मिश्रा ने NEWSPAGE13.COM की लगातार खबरों के प्रकाशन को आधार बना कर राष्टीय स्वास्थ्य मिशन को की गई थी शिकायत.
कोरिया / चिरमिरी । बीते 19 माह पूर्व दिनांक 4 अप्रैल वर्ष 2017 को शहर के हल्दीबाड़ी भैसा दफाई में तुलसी अमृत निजी नर्सिंग होम के नाम से संचालित अस्पताल में ही हल्दीबाड़ी के सड़क दफाई में निवासरत हैदर अली की पुत्री श्रीमती रेशमी परवीन का उसके प्रसव पीड़ा उपरांत निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था जिसका प्रसव उपरांत महिला की मौत हो गई थी और उसने एक पुत्र को जन्म दिया था के मामले में एक अक्टूबर 2018 को छत्तीसगढ़ राज्य की राष्टीय स्वास्थ्य मिशन इकाई द्वारा महिला चिकित्सक को बिना मेडिकल डिग्री के सीजर प्रसव कराने के और राज्य शासन को झूटी जानकारी देकर निजी नर्सिंग होम का संचालन करने के साथ हुई शिकायत पर लगे आरोप के बाद महिला चिकित्सक के दिए स्पष्टीकरण से असन्तुष्ट को आधार बना कर महिला चिकित्सक को पुरे मामले में दोषी मानते हुए छत्तीसगढ़ राष्टीय स्वास्थ्य मिशन की मानव संसाधन नीति 2018 की कंडिका 34 के बिंदु क्रमांक 34.2 के सुनवाई का अवसर देने उपरांत प्राधिकृत प्राधिकारी को प्रदत्ता अधिकारों का प्रयोग करते हुए तत्काल महिला चिकित्सक की सेवाए समाप्त का आदेश जारी किया गया है। जिसको लेकर पीड़ित परिवार ने अब 19 माह बाद हुई कार्यवाई पर राज्य सरकार धन्यवाद दिया है और अपनी बेटी की मौत पर सही न्याय मिलने से ख़ुशी जाहिर की है ।
गौरतलब है कि बीते 4 अप्रेल वर्ष 2017 को हल्दीबाड़ी गैराज मिस्त्री हैदर अली की पुत्री रेशमी परवीन का प्रसव कराने भैंसा दफाई हल्दीबाड़ी स्थित तुलसी अमृत अस्पताल में भर्ती कराया गया था किंतु प्रसूता को बिना सक्षम ऑपरेशन अहर्ता के तथा प्रसूता को दवाइयों का ओवर डोज दिए जाने से मृत्यु हो गई थी. जिसके पश्चात प्रसव पीड़िता की संदिग्ध हालातो में हुई मौत पर परिवार जनों और उसके पति के द्वारा चिरमिरी थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी जिसपर लगभग तीन माह बाद जून 2017 को पुरे मामले में चिरमिरी पुलिस ने अपराध दर्ज करते हुए महिला चिकित्सक श्रीमती फ्लोरेंस नारटिंगल सागर लकड़ा पर आईपीसी की धारा  304 भाग (2 ) भादवि तथा छग राज्य उपचार ग्रह 2010 की धारा 12 के तहत दर्ज किया था जिसपर महिला चिकित्सक माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर से बेल पर रहते हुए पुनः राज्य सरकार एवं राष्टीय स्वास्थ्य मिशन में स्पष्टिकरण के बाद अपनी निजी नर्सिंग होम को संचालन और उसमे सोनो ग्राफी मशीन के संचालन की अनुमति मांगी थी जिसपर जिला प्रशासन की अनुशंसा और शहर के साथ जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को देखते हुए तत्कालीन कलेक्टर के आदेश पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कोरिया नरेंद्र पैकरा ने अपनी निगरानी पर एक शर्त रखते हुए महिला चिकित्सक को शासकीय शहरी स्वस्थ्य मिशन डोमनहिल में बतौर महिला चिकित्सक के रूप में पदस्त होने की बात कही थी उसके बाद ही खुद के निजी नर्सिंग होम को संचालन करने का आदेश जारी करने की बात कही थी जिसको लेकर कई महीनो तक पत्राचार के बाद अंततः महिला चिकित्सक की सहमती पर पदस्थापना और नर्सिंग होम के संचालन का आदेश जारी किया गया लेकिन महिला चिकित्सक द्वारा जिला प्रशासन को बिना जानकारी के अपने निजी नर्सिंग होम में चोरी छुपे शहर के साथ आसपास की गर्भवती महिलाओं के प्रसव कराने का जोखिम उठाया जा रहा था और आज भी किया जा रहा है जिसकी जानकारी उक्त नर्सिंग होम में आने जाने वालो के द्वारा बताई जा रही है और शहरी स्वास्थ्य केंद्र में अपने वाली महिला मरीजो को झूटी जानकारी देकर अपने निजी नर्सिंग होम आने की सलाह दी जा रही है जिसकी जानकारी होने के बाद शहर के आरटीआई कार्यकर्त्ता राज कुमार मिश्रा ने NEWSPAGE13.COM में ऐसी खबरों के प्रकाशन और अपने सुचना के आधार पर जिला प्रशासन से पत्राचार को आधार बनाते हुए इसकी लिखित शिकायत राष्टीय स्वस्थ्य मिशन छत्तीसगढ़ के मिशन संचालक से की गई थी जिस पर राज्य शासन ने काफी पत्राचार और महिला चिकित्सक के साथ जिला प्रशासन के स्पष्टिकरण में अपनी असन्तुष्टि बताते हुए महिला चिकित्सक पर छत्तीसगढ़ राष्टीय स्वास्थ्य मिशन की मानव संसाधन नीति 2018 की कंडिका 34 के बिंदु क्रमांक 34.2 के सुनवाई का अवसर देने उपरांत प्राधिकृत प्राधिकारी को प्रदत्ता अधिकारों का प्रयोग करते हुए तत्काल महिला चिकित्सक की सेवाए समाप्त का आदेश जारी किया गया है।
उल्लेख है कि परिजनों ने स्थानीय पुलिस प्रशासन सहित जिला प्रशासन के संरक्षण पर निजी हॉस्पिटल को चलाने का आरोप लगाते हुए 48 घण्टो का अल्टीमेटम दिया गया था. जिस पर कार्यवाई किया जाकर निजी हॉस्पिटल के सामने चक्का जाम करते हुए आंदोलन की चेतावनी भी दी थी. तब चिरमिरी पुलिस द्वारा विवेचना कर डॉक्टर श्रीमती फ्लोरेंस नाइटिंगल सागर लकड़ा मेडम पर धारा 304 भाग 2 भादवि तथा छग राज्य उपचारगृह तथा रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अधिनियम 2010 की धारा 12 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर  तत्कालीन थाना प्रभारी ने सुनील सिंह ने बताया था की डॉक्टर श्रीमती सागर केवल एमबीबीएस है और उन्हें शल्य चिकित्सा का अधिकार नही है बावजूद प्रसूता की डिलिवरी में दवा का हैवी डोज और शल्य चिकित्सा की गई थी तथा तुलसी अमृत अस्पताल का पंजीयन भी वैध नही है चिरमिरी पुलिस द्वारा धारा 91 भादवि के अंतर्गत नोटिस दिया जाकर जानकारी मांगे जाने पर डॉक्टर श्रीमती सागर द्वारा बरमपुर यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस पास का सर्टीफिकेट प्रस्तुत किया गया तथा शल्य चिकित्सा के लिये एमएस की डिग्री नही होना पाया गया. जिस कारण चिकित्सा कार्य मे जान बूझकर लापरवाही के प्रमाण पाये जाने पर अपराध पंजीबद्ध करने की बात कही थी ।
हैदर अली डेंटर पेंटर एवं चार पहिया वाहन मिस्त्री – आज अपनी बेटी की मौत पर सही न्याय राज्य शासन ने दिया है जिसको मै और मेरा पूरा परिवार कभी भुला नहीं सकता जिससे उन परिवार को भी ख़ुशी मिली होगी जिन्होंने अपने परिवार से किसी ना किसी को खोया है आज यह मेरे जीवन की सबसे बड़ी जीत है ।
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