कोरिया / कभी चुनावी मैदान में प्रतिद्वंदी रहे बैकुंठपुर विधानसभा के वर्तमान भाजपा प्रत्याशी भैयालाल रजवाड़े व कांग्रेस के पीसीसी सदस्य वेदांति तिवारी की दूरियां कुछ कम होती नजर आ रही हैं, अब वे जहां भी मिलते हैं गर्मजोशी के साथ मिलते है।
यह तस्वीरें बहुत कुछ बयां करती हैं। जिससे राजनैतिक हल्कों मे चर्चा होना आम बात है। भारतीय जनता पार्टी ने अपने विधानसभा प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है जिसमे एक बार फिर चौथी बार श्री रजवाड़े को बैकुंठपुर विधानसभा से मैदान में उतारा गया है वे अपने दल बल के साथ चुनावी मैदान में उतरकर प्रचार अभियान में लगे हुए हैं मतदाताओं के बीच जाकर वे समर्थन मांग रहे हैं। हॉट बाजारो मे जनसंपर्क करते हुए आम नागरिकों से मिल रहे हैं तो वहींं उनके चेहरे पर आत्मविश्वास भी देखने को मिल रहा है।
कोयले की खान से निकलकर मंत्री तक का लंबा सफर तय करने वाले भैयालाल रजवाड़े ने कांग्रेस के अपराजेय योद्वा रहे पूर्व वित्तमंत्री स्व.डॉ.रामचंद्र सिंहदेव को वर्ष 2003 के चुनाव में कड़ी टक्कर दी थी और जहां पूर्व वित्तमंत्री सिंहदेव 30000-35000 वोटो से जीतकर अपना विजय अभियान जारी रखते थे। वहीं इस चुनाव में उनके जीत का अंतर महज 8000 के आसपास था। जिसके बाद उन्होने चुनाव लड़ने से मना कर दिया। अपना उत्तराधिकारी उन्होने वेदांति तिवारी को चुना, वर्ष 2008 और 2013 के चुनाव में वेदांति तिवारी कांग्रेस की टिकट पर विधानसभा का चुनाव लड़े लेकिन 2008 में लगभग 5000 वोट और 2013 के चुनाव में महज 1068 वोट से चुनाव हार गये।
टिकट की दौड़ उनकी यही खत्म नही हुई इस बार के चुनाव में भी वे स्वभाविक रूप से दावेदार थे जिसके लिए काफी समय से जनसंपर्क भी जारी है। लेकिन ऐन चुनाव के वक्त पूर्व वित्तमंत्री की भतीजी श्रीमती अंबिका सिंहदेव का चुनावी मैदान में आना वेदांति तिवारी के लिए काफी हानिकारक सिद्व हुआ और जैसा की कांग्रेस सूत्र बताते हैं कि वे अब टिकट की दौड़ से बाहर हो चुके हैं अभी तक।
हलांकि कांग्रेस द्वारा प्रत्याशी की अधिकृत घोषणा नही की गई है आज कल में घोषणा हो सकती है लेकिन बताया जाता है कि कांग्रेस की ओर से अंबिका सिंहदेव के नाम पर मुहर लग चुकी है। ऐसे में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ ही आम मतदाताओं की नजरें भी वेदांति तिवारी के अगले कदम पर टिकी हुई हैं। भाजपा के नेता भी इस बार टिकट न मिलनें की स्थिति में उन पर डोरे डालने की स्थिति में नजर आ रहे हैं, अगर श्री तिवारी टिकट न मिलने से नाराज होते हैं तो उनके साथ उनके समर्थकों और उनके सामाजिक वोटों का रूख क्या होगा यह देखने वाली बात होगी। टिकट की घोषणा न होने पर अभी तक वे प्रचार अभियान मे अपनी टीम के साथ लगे हुए हैं कांग्रेस की संभावित उम्मीदवार के साथ हर मंच भी साझा कर रहे हैं लेकिन आगे कब तक मंच साझा करेंगे यह कहा नही जा सकता।
जनसंपर्क अभियान के तहत आज शनिवार को भाजपा प्रत्याशी भैयालाल रजवाड़े और कांग्रेस नेता पटना बाजार पहुंचे जहां एक दूसरे से सामना होने पर उन्होने गर्मजोशी के साथ गले मिलकर खुशी का इजहार किया। दोनो के बीच हंसी ठिठोली भी हुई।
जीत की अग्रिम बधाई भी दे डाली –
सूत्र तो यह भी बताते हैं कि इस दौरान वेदांति तिवारी ने श्री रजवाड़े को जीत की अग्रिम बधाई भी दे डाली। बहरहाल जनसंपर्क के दौरान प्रसन्न मुद्रा में दोनो नेताओं की यह तस्वीरें सोशल मीडिया में आने के बाद लोग अब तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं। लोगो की नजरें अब कांग्रेस की टिकट घोषणा होने पर वेदांति तिवारी के अगले कदम पर पर लगी हुई हैं।



