नई दिल्ली / प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज (30 दिसंबर) अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के जरिये देशवासियों को संबोधित किया. यह उनके इस रेडियो कार्यक्रम का 51वां और इस साल का अंतिम संस्करण था. पीएम मोदी ने इस दौरान देशवासियों को नव वर्ष और 2019 के त्योहारों की शुभकामनाएं दीं. पीएम मोदी ने कार्यक्रम के अंत में कहा ‘2018 का ये अंतिम कार्यक्रम है, साल 2019 में हम फिर से मिलेंगे, फिर से मन की बातें करेंगे.’
पीएम मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में अगले साल जनवरी में प्रयागराज में आयोजित होने वाले कुंभ का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति की कई बातों पर हम गर्व कर सकते हैं उनमें एक है कुंभ मेला. मेरा आप सभी से आग्रह है कि जब आप कुंभ जाएं तो कुंभ के अलग-अलग पहलू और तस्वीरें सोशल मीडिया पर जरूर शेयर करें ताकि अधिक-से-अधिक लोगों को कुंभ में जाने की प्रेरणा मिले.
उन्होंने कहा कि कुंभ की दिव्यता से भारत की भव्यता पूरी दुनिया में अपना रंग बिखेरेगी. इस बार श्रद्धालु संगम में पवित्र स्नान के बाद अक्षयवट के पुण्य दर्शन भी कर सकेगा. लोगों की आस्था का प्रतीक यह अक्षयवट सैकड़ों वर्षों से किले में बंद था, जिससे श्रद्धालु चाहकर भी इसके दर्शन नहीं कर पाते थे. अब अक्षयवट का द्वार सबके लिए खोल दिया गया है.
पीएम मोदी ने कहा कि आप सभी ने सोचा होगा कि 2018 को कैसे याद रखा जाए. 2018 को भारत एक देश के रूप में, अपनी एक सौ तीस करोड़ की जनता के सामर्थ्य के रूप में, कैसे याद रखेगा- यह याद करना भी महत्वपूर्ण है. हम सब को गौरव से भर देने वाला है.उन्होंने कहा कि साल 2018 को हमेशा याद किया जाएगा. इस साल सरदार वल्लभ भाई पटेल को समर्पित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी देश को मिली. भारत को संयुक्त राष्ट्र का सर्वोच्च पर्यावरण पुरस्कार मिला. 2019 में भारत की उन्नति की यह यात्रा ऐसे ही जारी रहेगी और देश नई ऊंचाइयों को छुएगा.
उन्होंने कहा कि आजादी के बाद लालकिले से पहली बार आजाद हिंद सरकार की 75वीं वर्षगांठ पर तिरंगा फहराया गया. भारत में अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन की पहली महासभा का आयोजन हुआ. हमारे सामूहिक प्रयासों का ही नतीजा है कि हमारे देश की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में अभूतपूर्व सुधार हुआ.
पीएम ने कहा कि देश को सुरक्षा क्षेत्र में नई मजबूती मिली है. इसी वर्ष हमारे देश ने सफलतापूर्वक न्यूक्लियर टाएड को पूरा किया, यानी अब हम जल, थल और नभ-तीनों में परमाणु शक्ति संपन्न हो गए हैं. देश की बेटियों ने नाविका सागर परिक्रमा के माध्यम से पूरे विश्व का भ्रमण कर देश को गर्व से भर दिया है.
