कोरिया / नववर्ष की पूर्व संध्या पर मनेन्द्रगढ़ में पुराने साल की बिदाई और नये वर्ष के स्वागत के लिये एक अनूठी प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। 28 सालों से प्रगति मंच द्वारा आयोजित बहुरूपिया प्रतियोगिता में प्रदेश के कोने-कोने से आये कलाकार शामिल होकर अपनी कला का प्रदर्षन करते हैं। समाज को नया संदेश देने के लिये आयोजित इस कार्यक्रम में हर वर्ग के लोग बड़ी संख्या में शहर के प्रमुख मार्गो में मौजूद रहकर आनंद लेते हैं।
मनेन्द्रगढ़ की सड़को पर उमड़ी यह हजारों की भीड़ बहुरूपिया प्रतियोगिता को देखने के लिए दूर-दूर से आई हुई है। इनका मनोरंजन घूम-घूमकर प्रमुख मार्गों में अपनी कला का प्रदशन कर बहुरूपिये कर रहे है। प्रगति मंच द्वारा आयोजित बहुरूपिया प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के अलावा पड़ोसी राज्य म.प्र. के कलाकारों द्वारा अपनी कला का जीवंत प्रदर्शन किया जाता है। इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले कलाकार नगर के सभी मुख्य चौराहों पर उपस्थित जजों के समक्ष अपनी कला का प्रर्दान कर मंच द्वारा आबंटित कार्ड पर नंबर दर्ज कराते है। सबसे ज्यादा अंक प्राप्त करने वाले कलाकार को एकल व समूह स्पर्धा में पुरस्कृत किया जाता है। प्रगति मंच ने भारतीय संस्कृति की परंपरा को जीवंत रखने इसकी शुरूआत की थी, जहां कलाकारों को अपनी कला का प्रदर्शन करने का मंच मिल रहा है।
आपको बता दे कि बहुरूपिया प्रतियोगिता को लेकर एक माह पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी जाती है। वहीं लोगों में भी आयोजन को लेकर जिज्ञासा बनी रहती है। समाज को नया संदेश देने के लिए आयोजित इस प्रतियोगिता को देखने सड़कों पर जनसैलाब उमड़ पड़ता है। अलग-अलग रूपों में कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन कर जनसमूह को आनंदित करते है। लोगों द्वारा भी कलाकारों का उत्साह बढ़ाया जाता है। नगर के प्रतिष्ठित व्यापारियों के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम की लोग तारीफ करते नहीं थकते।
प्रदेश से लुत्फ होती बहरूपिया कला को थामे प्रगति मंच ने पिछले 28 वर्षो से लगातार लोगों का मनोरंजन करा रही है और उस कला को लुत्फ होने से बचाने का सफल प्रयास कर रही है। वही शासन और प्रशासन की बात करें तो जनता के बीच अपनी उपस्थिति दर्शाने के लिएं प्रदेश के दिग्गज नेता मंत्री प्रतिवर्ष इन आयोजनों में भाग लेते है पर इन कलाकारों को बढ़ावा देने के लिएं आज तक उनकी ओर से किसी प्रकार की पहल नही की जा सकी है जिसे लेकर अब प्रगति मंच के आयोजक भी इन नेताओं से गुहार लगाने लगे है ताकि इनके द्वारा किया गया कार्य जागरूकता के साथ कलाकारों की प्रगति और आय का साधन बन सके।
फिलहाल बहरूपिया कार्यक्रम में कई वर्षो की तरह इस बार भी हजारों की संख्या में उपस्थित दर्शकों और जनप्रतिनिधियों के बीच संपन्न हुआ।
