Advertisement Carousel

PM ने लॉन्च की प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन योजना, मजदूरों को हर महीने मिलेगी 3 हजार रुपये पेंशन

00 मां भारती के मजदूरों का पसीना मां भारती के माथे पर तिलक के समान है

00 PMSYM 42 करोड़ श्रमिकों के सेवा में समर्पित योजना

अहमदाबाद  / पीएम नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को ‘प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन योजना (PM-SYM) का शुभारंभ किया.

पीएम मोदी ने योजना का शुभारंभ करते हुए कहा हम सभी ऐतिहासिक अवसर के साक्षी हैं. देशभर में 3 लाख से ज्यादा सर्विस सेंटर पर 2 करोड़ से ज्यादा लोग इस योजना का हिस्सा है, यह एक रिकॉर्ड है. उन्होंने कहा PMSYM 42 करोड़ श्रमिकों के सेवा में समर्पित योजना है. जो मजदूर भारत का निर्माण कर रहे है, मां भारती के मजदूरों का पसीना मां भारती के माथे पर तिलक के समान है.

इस वर्ग के बारे में कभी नहीं सोचा गया – प्रधानमंत्री ने कहा आज की योजना मेरे लिए भावुक पल है, क्योंकि मैंने निजी तौर पर अनुभव किया है की आप को कैसी परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है. इन परिस्थितियों ने ही प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना के लिए हमारी सरकार को प्रेरित किया. आजादी के बाद इतिहास की यह पहली योजना है जिसने समाज के उस वर्ग को छुआ है, जिसके बारे में कभी सोचा ही नहीं गया. इस वर्ग के लोगों को अपने ही भाग्य पर छोड़ दिया गया था, बुढ़ापे में अपने भी, जिनको पाल-पोसकर बड़ा किया है, वो भी साथ छोड़ देते हैं.

60 की उम्र के बाद मिलेगी पेंशन – इस योजना के तहत असंगठित क्षेत्र के कामगरों को 60 साल की उम्र के बाद हर महीने 3000 रुपये मासिक पेंशन दी जाएगी. योजना के बारे में अधिसूचना पहले ही जारी की जा चुकी है. इस योजना के बारे में 1 फरवरी को वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने अंतरिम बजट पेश करते हुए ऐलान किया था. योजना से जुड़ने के लिए देशभर में कुल 3.13 लाख साझा सेवा केंद्र बनाए गए हैं. 15 फरवरी से योजना के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. योजना को अंतिम रूप देने की जिम्मेदारी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) को मिली है.

योजना के तहत पंजीकरण कराने वालों को विशिष्ट आईडी नंबर भी जारी किया गया है. बजट भाषण के दौरान पीयूष गोयल ने कहा था कि सरकार की तरफ से असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद न्यूनतम पेंशन की गारंटी दी जाएगी. सरकार की तरफ से शुरू की गई इस योजना का फायदा ऐसे मजदूरों को मिलेगा जिनकी महीने की आमदनी 15 हजार रुपये से कम है. सरकार के इस कदम का फायदा घरों में काम करने वाली मेड, ड्राइवरों, प्लबंर, रिक्शा चालकों और बिजली का काम करने वाले कामगारों को मिलेगा.

error: Content is protected !!