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तिरंगे में लिपटकर घर पहुंचा शहीद पति, टूटा पत्नी के सब्र का बांध, बोली जिंदा मत छोडऩा एक भी नक्सली

राजनंदगांव / शुक्रवार सुबह जब शहीद जवान का शव तिरंगे में लिपटकर घर पहुंचा तो पत्नी दीपा यादव का सब्र टूट गया। अपने शहीद पति के शव पर हाथ रखकर रोते हुए बोली कि छत्तीसगढ़ में एक भी नक्सली को छोडऩा मत। इनमें से कोई भी जिंदा नहीं बचना चाहिए।

कांकेर के पंखाजूर में गुुरुवार को नक्सली मुठभेड़ में जिले के डोंगरगढ़ ब्लाक के खुर्सीटिकुल गांव निवासी जवान तुमेश्वर यादव शहीद हो गया। शुक्रवार सुबह जब शहीद जवान का शव तिरंगे में लिपटकर घर पहुंचा तो पत्नी दीपा यादव का सब्र टूट गया। अपने शहीद पति के शव पर हाथ रखकर रोते हुए बोली कि छत्तीसगढ़ में एक भी नक्सली को छोडऩा मत। इनमें से कोई भी जिंदा नहीं बचना चाहिए। दो साल के बेटे को गोद में लिए शहीद जवान की वीरवधु ने बिलखते हुए पति को अंतिम विदाई दी। बस्तर के पखांजूर में गुरुवार को हुए नक्सली हमले में बीएसएफ के चार जवान शहीद हो गए थे। शहीदों में एक तुमेश्वर यादव भी हैं।

शहीद को अंतिम विदाई देने उमड़ा पूरा गांव – नक्सली मुठभेड़ में तुमेश्वर के शहीद होने की घटना की जानकारी के बाद शहीद के परिवार में गमों का पहाड़ टूट पड़ा है। शुक्रवार सुबह जब शहीद का पार्थिव शरीर पहुंचा तो उसकी एक झलक पाने पूरा गांव उमड़ पड़ा। बीएसएफ और जिला पुलिस के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। जिसके बाद शहीद का शव अंतिम यात्रा के लिए रवाना हुआ। आंखों में आंसू लिए लोग शहीद अमर रहे के नारे लगाते दिखे।

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