00 प्रदेश मे नई निति लागू,”भूपेश बघेल जी को मुख्य अतिथी बनाए नियमविरुद्ध अनुमती तत्काल पाएं” कुछ शर्ते भी लागू है: अमित जोगी
00 मुख्यमन्त्री को ऐसी क्या हडबडी ? की दो मंत्रियो के सम्मान और बिलासपुर की जनता की जान के साथ खिलवाड कर गए: अमित जोगी।
00 मुख्यमंत्री द्वारा अपने प्रभाव का गलत इस्तेमाल कर स्वास्थ विभाग जैसे संवेदनशील विभाग मे नियमों को ताक पर रख दखल अंदाज़ी करना, चिंता का विषय।
00 156 नर्सिंग होम की अनुमती कतार मे, उन्हे दर किनार कर मुख्यमंत्री ने बिना जाँच करवाये आवेदन के 1 दिन मे किस समझोते के तहत दिलवाई अनुमती।
रायपुर/बिलासपुर- छत्तीसगढ़ राज्य मे निरंकुश हो चुकी भूपेश सरकार के वादो और क्रियाकलापों का मूल्यांकन तो 3 माह बाद ही हूए लोकसभा चुनावो मे जनता ने कर दिया। किन्तु उस शर्मनाक हार के बाद भी भूपेश सरकार के निर्णय जन विरोधी ही दिखाई दे रहे है। जनता काँग्रेस के प्रादेश अध्यक्ष अमित जोगी ने भूपेश बघेल की एक गम्भीर चूक को उजागर किया है। अमित जोगी ने बताया की आज से ठीक 6 महिने पहले 17/12/2018 को जिस सरकार ने भूपेश बघेल की अगुवाई मे शपथ ग्रहण किया था वो आज 17/06/2019 को विगत छह माह मे ही ना तो जनता की जान की परवाह कर रही है और ना ही अपने मंत्रीमंडल मे विधमान माननीय मंत्रियो की। आज बिलासपुर मे आपने अल्पावास मे पहुँचे मुख्यमंत्री ने इन दोनो को ही ताक पर रख अपने अधिकारों का गलत इस्तेमाल किया है जो बहुत निराशाजनक और चिंता का विषय है।
आज 17 जूने को मुख्यमंत्री भुपेश बघेल ने जिस अस्पताल का उद्घाटन किया उसके ना तो दस्तावेज ही तैयार थे ना स्वास्थ विभाग ने उसे खोलने अनुमती दी थी फ़िर भी उसका उद्घाटन बिलासपुरवासीयों की जान को ताक पर रखने जैसा है। बिलासपुर प्रताप चौक के नजदीक खुले,” लाईफ केयर हास्पीटल ऐंड मेटरनिटी होम एवं सिद्धिविनायक टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर” का उद्घाटन आज मुख्यमंत्री ने किया किन्तु इसके पुर्व की जाने वाली सभी प्रक्रियाओ को दर किनार कर दिया गया। आज की तारिक मे बिलासपुर मे ही 156 नर्सिंग होम के आवेदन कतार मे हैं जिन्हे हरी झण्डी देने से पुर्व कुछ प्रक्रियाओ का पालन करना अनिवार्य है। जिसमे सबसे महत्वपूर्ण है कमेटी द्वारा दस्तावेजों, हास्पीटल की जाँच। जिसकी कमेटी का गठन CMO द्वारा किया जाता है जिसमे 1 आयुष का सदस्य, 2 डॉक्टर, नगर निगम अधिकारी, पर्यावरण मंडल के अधिकारी, कलेक्टर द्वारा नियुक्त अधिकारी शामिल होते हैं। जो सभी पहलुओ की जाँच कर किसी भी आवेदन को स्वीकार या अस्वीकार करते हैं । किन्तु आज जिस नर्सिंग होम का उद्घाटन किया गया उसमे उक्त प्रक्रिया को शिथिल कर दिया गया, ना ही उस नर्सिंग होम की जाँच हेतू कोई कमेटी का गठन किया गया। बल्कि उस नर्सिंग होम ने आवेदन ही 16 जून को 9200/- जमा कर किया,जिसका आवेदन क्र 52992 है। इसमे एक और महत्वपूर्ण पहलू ये है की,जिले के दो वरिष्ठ अधिकारियो ने दो दिन पुर्व ही इसे उद्घाटित करने योग्य नही पाया था शायद यही वजह थी की स्वास्थ मंत्री ने इसे उद्घाटन करने अपनी सहमती नही दी। किन्तु मुख्यमंत्री द्वारा अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर जनता की जान और मन्त्री के सम्मान को जार जार कर दिया।
वही बिलासपुर के बेहतराई मे ही स्थित हॉकी स्टेडियम के उद्घाटन मे भी मुख्यमंत्री की इस हडबडी ने अपने ही एक और मंत्री के सम्मान को धूमिल किया। हमारे रास्ट्रीय खेल के लिए बने मैदान को जिसमे जूनियर हाकी प्रतियोगीता प्रस्तावित है का बिना पूर्ण हूए ही उद्घाटन कर दिया गया। जबकी उस विभाग ने अपने मंत्री को कार्य अपर्ण होने की जानकारी दी थी, जिसके बाद मंत्री ने भी इसे उद्घाटन करने से इन्कार किया। किन्तु बिना गैलरी के इस रास्ट्रीय स्तर के मैदान का उद्घाटन कर भविष्य मे देश के आने वाले खिलाडियों के सामने छत्तीसगढ़ को शर्मसार करने का काम किया है।
उक्त दोनो ही उद्घाटनो मे कुछ महत्वपूर्ण बातें रही।जिसमे मंत्रियो की नाराजकी भी शामिल है क्युकी दोनो ही कार्यक्रमो मे दो अलग अलग विभाग के मंत्रियो का आना था, किन्तु वो गैरहाजिर रहे। जिसका सार ये निकलता है की छत्तीसगढ़ मे नई निति लागू हो चुकी है “भूपेश बघेल जी को मुख्यअतिथी बनाए, नियम विरुद्ध सभी अनुमतियाँ तत्काल पाएं”, उनमे कुछ शर्तें भी लागू हैं। अब भूपेश बघेल जी ने किस शर्तो के तहत या समझौते के तहत मन्त्रियो के सम्मान और जनता की जान को ताक पर रखा है ये वही बताएँ।
