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शिवनाथ नदी में तीनों कछुआ को छोड़ा गया…जाने क्यों ?

राजनांदगांव / वर्ष 2015 में दिनांक 21/ 9/ 15 को वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9 4344 48a के तहत आरोपी संजय डेनियल साकिन बंगाली चाल मनोहर बोरकर एवं अन्य कुल 7 के विरुद्ध अपराध कायम कर चालान न्यायालय में पेश किया गया था।

जिसमें चार कछुआ जप्त किया गया था और कछुआ सुरक्षा अर्थ फॉरेस्ट विभाग को सौंपा गया था। जिसमें से एक कछुआ का मौत हो गया था तीन कछुआ शेष थे दिनांक 9/ 8/ 19 को न्यायालय रमेश कुमार चौहान न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी यहां से इन कछुओं का प्राकृतिक वातावरण में छोड़े जाने हेतु अनुमति प्राप्त हुआ। जिसे फॉरेस्ट विभाग को पत्राचार किया गया और आज दिनांक 27/8/19 को मोहरा घाट में विधिवत पंचनामा बनाते हुए वन विभाग द्वारा शिवनाथ नदी में प्राकृतिक वातावरण में तीनों कछुआ को छोड़ा गया।

वर्ष 2015 से 2019 तक उक्त कछुआ फॉरेस्ट विभाग की कस्टडी में थे इस प्रकरण में जिला राजनांदगांव की मीडिया प्रेस एवं बसंतपुर पुलिस तथा फॉरेस्ट विभाग का संयुक्त प्रयास प्रशंसनीय रहा हैं।

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