00 टिकट कटने से नाराज होकर उतरी थी मैदान मे, भाजपा को फायदा तो कांग्रेस के लिए होगी परेशानी।
00 इसी सीट से प्रत्याशी हैं राज्यमंत्री कमरो की बहन उषा सिंह।
कोरिया / त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के तहत तीसरे दौर के मतदान के ठीक पहले भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी के निर्णय के खिलाफ मैदान में उतरी निर्दलीय प्रत्याशी प्रभा सिंह को आज पार्टी समर्थित उम्मीदवार के पक्ष में कर लिया,प्रभा सिंह ने मतदाताओं से पार्टी की अधिकृत उम्मीदवार उर्मिला नेताम के पक्ष में मतदान की अपील की है।
निर्दलीय उम्मीदवार प्रभा सिंह के कारण पार्टी उम्मीदवार उर्मिला नेताम को थोड़ी कठिनाई भी हो रही थी लेकिन निर्दलीय उम्मीदवार के समर्थन के बाद अब इस क्षेत्र में समीकरण बदलने के आसार हैं।
ज्ञात हो कि मनेन्द्रगढ़ जनपद पंचायत अंतर्गत जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 4 से उर्मिला नेताम को भाजपा ने अपना समर्थन दिया है,तो वहीं पार्टी से ही समर्थन की मांग कर रहीं बेलबहरा निवासी प्रभा सिंह पार्टी द्वारा उम्मीदवार न बनाये जाने के कारण निर्दलीय के रूप में उम्मीदवार थीं,जिससे इस क्षेत्र में पार्टी कार्यकर्ताओं में असमंजस की स्थिति थी,तो वहीं पहले चरण में मतदान के बाद जिला पंचायत में 2 सीट आने के बाद पार्टी के नेताओ ने प्रभा सिंह के पास पहुँचकर पार्टी प्रत्याशी को समर्थन की बात कही जिसके बाद प्रत्याशी प्रभा सिंह ने आज पूर्व मंत्री भैयालाल राजवाड़े समेत अन्य नेताओं की मौजूदगी में अपना समर्थन पत्र दिया।
समर्थन पत्र के माध्यम से उन्होंने जनता से अपील की है कि वे पार्टी की उम्मीदवार उर्मिला नेताम के पतंग छाप पर मुहर लगाकर विजयी बनायें। साथ ही उन्होंने इस निर्णय को बिना दबाव में और पार्टी के हित मे लेने की बात कही है। आज पूर्व मंत्री श्री राजवाड़े समेत पार्टी के अन्य नेताओ को उपस्थिति में प्रत्याशी प्रभा सिंह और उर्मिला नेताम की भेंट भी हुई जिसमें प्रभा सिंह ने उर्मिला नेताम को माला पहनाकर खुशी का इजहार किया और जीत के लिए शुभकामनाएं दिया।
ज्ञात हो कि जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 4 में मतदान अंतिम चरण 3 फरवरी को होना है,जिसमें भाजपा से उर्मिला नेताम का कड़ा मुकाबला कांग्रेस की अधिकृत उम्मीदवार राज्यमंत्री गुलाब कमरो की बहन उषा सिंह से देखा जा रहा है,तो वहीं प्रभा सिंह के उम्मीदवार बन जाने के बाद भाजपा को काफी नुकसान हो रहा था,लेकिन अब पार्टी प्रत्याशी को समर्थन मिल जाने के कारण लाभ का अंदेशा है।
अंतिम चरण में इस सीट पर भी लोगो की पैनी नजर है, राज्यमंत्री की बहन के उम्मीदवार होने के कारण लड़ाई और दिलचस्प हो गई है, हालांकि पूर्व में उषा सिंह दो बार चुनाव लड़कर हार चुकी हैं, जनता में उनकी छवि कोई नेत्री के रूप में न होने और क्षेत्र में किसी प्रकार की सक्रियता न होने के कारण उनके लिए इस बार भी सीट निकाल पाना आसान नही है। तो वहीं अंतिम समय मे प्रभा सिंह का समर्थन मिल जाने के कारण यहां से भाजपा प्रत्याशी को लाभ का अनुमान लगाया जा रहा है।
बताया जाता है कि प्रभा सिंह के मैदान में होने से भाजपा प्रत्याशी को हो रही हानि के कारण कांग्रेस खेमे में खुशी की लहर थी, लेकिन इस निर्णय के बाद उसे जोरदार झटका लगा है। बहरहाल अंतिम परिणाम के लिए अभी 2 दिन का इंतजार करना पड़ेगा।

