रायपुर / कोरोना वायरस के संक्रमण के फैलने के खतरे को देखते हुए लॉकडाउन को लागू किया गया. लॉकडाउन 1, 2 और 3 क्रमशः लागू है, लेकिन इस बीच राज्य के सामने कई समस्याएं भी आकर खड़ी हो गई. मसलन आर्थिक संकट की स्थिति बनती गई. आर्थिक संकट को लेकर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केन्द्र सरकार से राहत मांगने के लिए पत्र लिखना शुरू किया. लॉकडाउन की 48 दिन के समयावधि में केन्द्र सरकार से 20 बार पत्र लिखकर अपने राज्य की समस्याओं से अवगत कराया. मुख्यमंत्री ने अपने पत्रों के माध्यम से सबसे ज्यादा मजदूरों और असंगठित कामगारों की समस्याओं को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर राहत पैकेज देने का अनुरोध किया है.
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को 10 बार अपने पत्रों के माध्यम से अलग अलग पैकेज और समस्याओं से रुबरु कराने के लिए लगातार पत्र लिख है. 3 बार केन्द्रीय खाद्य मंत्री राम विलास पासवान को कोरोना को देखते हुए देश के अन्य राज्यों को पीडीएस के लिए चावल की आवश्यकता की पूर्ति के लिए छत्तीसगढ़ शासन सहयोग देने के लिए तैयार है, जिसके लिए चावल का उपार्जन की मात्रा 24 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 31.11 लाख मीट्रिक टन चावल करने को लेकर अनुरोध कर चुके है,सरप्लस चावल का समुचित निराकरण नहीं होने से राज्य को लगभग 1500 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है.
सीएम भूपेश ने आर्थिक पैकेज के लिए 30 हजार करोड़ की राशि में 10 हजार करोड़ की राशि तत्काल देने की मांग केन्द्र सरकार से कर चुके हैं तो इस तरह से चाहे मजदूरों और अन्य लोगो के फंसे लोगो को लाने के लिए अतिरिक्त ट्रेन चलाने के लिए केन्द्रीय रेल मंत्री को पत्र लिख चुके है.
