00 छत्तीसगढ सरकार की नीतियों से परेशान हैं नागरिक
कोरिया / गत मंगलवार को मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ की सीमा पर स्थित घुटरीटोला बैरियर में मध्यप्रदेश के उमरिया निवासी एक बुजुर्ग की मौत हो गई,मौत सिर्फ प्रशासन की हठधर्मिता के कारण हुई है इसके लिए सरासर प्रशासन ही जिम्मेदार है यदि बुजुर्ग को बार्डर पार कर मनेंद्रगढ अस्पताल तक लाने दिया गया होता तो शायद उनकी जान बच जाती।
उक्ताशय का आरोप लगाते हुये भाजपा नेता शैलेष शिवहरे ने कहा कि कोरिया जिला प्रशासन में मानवता नाम की कोई चीज ही नही है,उमरिया से बिलासपुर के लिये निकले बुजुर्ग की मौत सिर्फ इसलिए हो जाती है क्योंकि अपात स्थिति में भी परिजनो के गिड़गिड़ाने के बाद भी बार्डर पार नही करने नही दिया गया जबकि विडियों के माध्यम से जारी खबर में साफ दिखाई दे रहा है कि परिजन कितना परेशान थे। श्री शिवहरे कहा कि कोरिया जिले में प्रशासन नाम की कोई चीज नही है प्रशासन चंद नेताओं के हाथों की कटपुतली बन कर रह गया है। उनके ही इशारे पर काम कर रहा है एकदम असंवेदनशील प्रशासन आज तक ऐसा कभी नही देखा गया। एक बुजुर्ग की मौत के बाद जिम्मेदारी तय नही की गई बल्कि उसकी मौत हो जाने के बाद प्रशासन ने खुद कई वाट्सअप ग्रुप में यह खबर डाला कि बुजुर्ग की मौत बार्डर के पहले ही हो चुकी थी जिसके बाद प्रशासन द्वारा उन्हे एंबुलेंस उपलब्ध कराकर शव को भेजा गया। यह बयान अत्यंत दुखद और खेदजनक है। जिसकी जितनी निंदा की जाये कम है। प्रशासन नाम की कोई चीज कोरिया जिले में बची ही नही है। भाजपा नेता शैलेष शिवहरे ने कहा कि तमाम वाट्सअप ग्रुप मे पत्रकार साथियों द्वारा भी लगातार इस खबर की सत्यता दिखाई गई लेकिन प्रशासन उस चीज को न मानकर तानाशाही रवैया अपनाया हुआ है जो कि सरासर गलत है। कोरिया जिला प्रशासन लाॅक डाउन के समय में जानबुझकर लोगों को परेशान कर रहा है प्रशासन के मुखिया कोई भी निर्णय ले पाने की स्थिति में नही हैं नेताओं के ईशारे पर वे काम कर रहे हैं जो कि ठीक बात नही है।
श्री शिवहरे ने कहा बार-बार आवाज उठाने के बाद भी आज तक कोरिया जिले में अनुमति जारी करनें में आनाकानी और मनाही रूकने का नाम नही ले रही है। लोग अनुमति लेने में तंग हो चुके हैं आज तक ई पास की सुविधा शुरू नही हुई। जबकि प्रदेश के ही अन्य जिलों मे ई पास आसानी से मिल रहा है। प्रशासन की नाकामी ही है कि कई परिवारों को मध्यप्रदेश से अनुमति होने के बाद बार्डर पर 24 घंटे तक भूखे प्यासे रोका जा रहा है। जब इस बात की खबर मीडिया में आती है तो नेताओ के कहने पर यह प्रशासन उन्हे अंदर आने की अनुमति देता है।
भाजपा नेता ने कहा कि प्रदेश मे सरकार ने भी कुछ बिंदुओ पर अपनी नीति स्पष्ट नही की है जिससे लोगो को आवश्यक होने पर भी आने जाने में परेशानी हो रही है। उन्होने प्रशासन से मांग किया है कि वह लोगो को परेशान करना बंद करे और बार्डर पर हुई मौत पर जिम्मेदारी तय करते हुए कार्यवाही करे।
