नई दिल्ली / फार्मा सेक्टर के लिए ऐलान किए गए पीएलआई स्कीम का दायरा बढ़ाने की तैयारी में है. सूत्रों के मुताबिक दवा मैन्युफैक्चरिंग के लिए अहम Excipient Industry को भी स्कीम में शामिल किया जाएगा. मौजूदा समय में करीब 70 फीसदी Excipients का Import होता है. दरअसल API के साथ Excipients को मिला कर ही Pill, Capsule या Syrup के Doses तैयार किए जाते हैं.आपको बता दें कि भारत को दवा मैन्युक्चरिंग बढ़ाने के लिए के लिए मोदी सरकार ने प्रॉडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम की शुरुआत की है.
अब क्या होगा- PLI Scheme का दायरा बढ़ाकर Excipients को भी शामिल करने की तैयारी है. फार्मा Sector के लिए अहम Excipient Industry को भी इससे फायदा मिलेगा. भारत में BASF India Ltd, Lactose India Ltd, Micro Labs Ltd, Wincoat Colours and Coating Pvt Ltd, ACG Associated Capsule Dow Chemical, Lubrizone Advanced Material India Pvt Ltd, Colorcon Asia Pvt Ltd इसे बनाती है.
क्या होता है Excipients –Excipients में ही API को मिला कर ही Pills, Capsules या Dose बनता है. अगर आसान शब्दों में कहें तो किसी दवा को खाने लायक बनाने के लिए जिन चीजों का इस्तेमाल किया जाता है उन्हें Excipients कहते हैं. API की तरह ही Excipients का भी करीब 70 फीसदी Import किया जाता है. Pharmaceuticals Excipients बनाने के लिए कई तरह के Raw Materials हैं. इसमें Starch, Sorbitol, Lactose, Maltose के अलावा कई Minerals शामिल. Alcoholal, Xylitol, Propylene oxide, Cellulose Power जैसे Chemical भी हैं.
