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नक्सल मोर्चे पर तैनात जवानों को दिया जाएगा छत्तीसगढ़ वॉरियर प्रशस्ति पत्र: DGP अवस्थी

सुदूर नक्सल प्रभावित इलाकों के कैम्पों में एक हजार जवानों से रूबरू हुए डीजीपी
 

    रायपुर / पुलिस महानिदेशक डीएम अवस्थी नेे आज अभिनव पहल करते हुए बस्तर के सभी जिलों में स्थित कैम्पों में पदस्थ जवानों से वर्चुअल माध्यम बात की। उन्होंने कहा कि नक्सल मोर्चे पर तैनात असाधारण कार्य के लिए जवानों को पुलिस मुख्यालय की तरफ से छत्तीसगढ़ वॉरियर के प्रशस्ति पत्र से नवाजा जाएगा।

डीजीपी ने कहा कि जवानों की वीरता और साहस का कोई मोल नहीं है। नक्सल मोर्चे पर तैनात जवानों को उल्लेखनीय कार्यों के लिये आउट ऑफ टर्न प्रमोशन एवं अन्य सम्मान मिल जाते हैं लेकिन कई ऐसे जवान हैं जिन्हें यह सम्मान नहीं मिल पाता है। ऐसे में पुलिस मुख्यालय की ओर से असाधारण वीरता का प्रदर्शन करने वाले जवानों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। पुलिस के जवान हर दिन , हर पल लड़ाई लड़ते हैं। सभी दीवाली  के त्यौहार पर अपने परिवार से दूर नक्सल मोर्चे पर मुस्तैदी से तैनात हैं। उन्होंने कहा कि दीपावली के बाद मैं प्रत्येक कैम्प में आकर सभी से मुलाकात करूंगा और हर समस्या का तत्काल हल किया जाएगा।
       यह पहला अवसर है जब डीजीपी से अपनी बात सुदूर वनांचल स्थित नक्सल प्रभावित इलाकों से जुड़े करीब एक हजार जवानों ने अपनी बात रखी।  दीवाली से पहले अपने मुखिया से रूबरू होकर और समस्याओं का तत्काल निराकरण होने पर जवानों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। वर्चुअली मुलाकात में सुकमा के फुलबागड़ी कैंप, दंतेवाड़ा के पालनार  कैंप , पुलिस लाइन , बीजापुर  के गुदमा  कैंप , बस्तर  के तिरिया कैंप , बास्तानार कैंप , कोंडागांव के मर्दापाल कैंप , कांकेर के अरगूर कैंप , नारायणपुर  के एसपी  ऑफिस और राजनांदगाव के मानपुर थाना, गातापार थाना से जवानों ने अपनी बात रखी।    इस अवसर पर श्री अवस्थी ने नक्सल प्रभावित इलाकों में तैनात जवानों के त्याग और कर्तव्यनिष्ठा को सलाम करते हुए कहा कि नक्सल मोर्चे पर महिला कमांडो भी उल्लेखनीय कार्य कर रहीं हैं। डीजीपी के समक्ष जवानों ने आवास, स्थानान्तरण, अग्रिम राशि और अन्य मांगे रखीं , जिनका तत्काल निराकरण किया गया।

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