Advertisement Carousel

विषम परिस्थितियों में सुनिश्चित रोजगार के लिए महात्मा गांधी नरेगा योजना बन रही मददगार

राज्य कार्यालय से मनरेगा आयुक्त ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से समीक्षा कर दिए निर्देश

कोरिया / वर्तमान परिस्थितियों में ग्रामीण क्षेत्रों में महात्मा गांधी नरेगा ही ग्रामीणो के लिए रोजगार और आय का साधन उपलब्ध करा सकता है। इसलिए संवेदनशील होकर सुरक्षा के उपायों के साथ सभी ग्राम पंचायतों में मांग के आधार पर पंजीकृत श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। यह सभी कार्य कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए कराए जा रहे हैं। उक्ताशय की जानकारी देते हुए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कुणाल दुदावत ने बताया कि मनरेगा आयुक्त रायपुर द्वारा इस सम्बंध में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से निर्देश दिए गए हैं कि महात्मा गांधी नरेगा के तहत अकुशल रोजगार की गारंटी प्रत्येक ग्राम पंचायत में उपलब्ध कराई जाए। साथ ही उन्होंने अन्य कई बिंदुओं पर भी आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए हैं। जिला पंचायत सीईओ श्री दुदावत ने बताया कि कार्यालय जिला पंचायत द्वारा सभी अधीनस्थ कार्यालय को विस्तृत दिशा निर्देश जारी कर दिया गया है। जिला पंचायत सीईओ ने कहा कि आज की विषम परिस्थितियों के बीच मनरेगा ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी है अतः ज्यादा से ज्यादा जागरूकता अभियान चलाकर मनरेगा श्रमिकों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। वर्तमान में कोरिया जिले में 43हजार से ज्यादा पंजीकृत श्रमिक 1200 से ज्यादा मनरेगा कार्यों में संलग्न हैं। जिला पंचायत सीईओ ने बताया कि रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए अनुसूचित जनजातियों और जातियों के परिवार को प्राथमिकता देते हुए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कार्यस्थल पर हाथ धुलाई, मास्क या गमछे से मुंह ढकने तथा उचित दूरी बनाकर कार्य कराने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि कोरिया जिले के बैकुंठपुर जनपद पंचायत अंतर्गत 80 ग्राम पंचायतों में 10हजार से ज्यादा श्रमिकों को रोजगार प्रदान किया जा रहा है। इसी तरह भरतपुर के 67 ग्राम पंचायतों में 9हजार 8 सौ से अधिक श्रमिकों को मनरेगा योजना में काम उपलब्ध कराया जा रहा है। खड़गवां जनपद पंचायत के अंतर्गत 10 हजार 7सौ से ज्यादा श्रमिक रोजगार से जुड़कर अपनी मेहनत का मूल्य पा रहे हैं वन्ही मनेन्द्रगढ़ के 60 से अधिक ग्राम पंचायतों में 7हजार 5 सौ से ज्यादा मजदूर रोजगार मूलक कार्यों में संलग्न किये गए हैं। सोनहत क्षेत्र की 36 ग्राम पंचायतों में 4हजार 6सौ से ज्यादा श्रमिक 188 अलग अलग कार्यों में रोजगार के अवसर पा रहे हैं।


जिला पंचायत सीईओ ने बताया कि महामारी के दौरान यह सुनिश्चित किया गया है कि सभी मैदानी अधिकारी कर्मचारी अपने अपने उत्तरदायित्व का निष्ठा पूर्वक निर्वहन करेंगें। यदि कहीं पर कोई भी कर्मचारी कार्य में उपस्थित नही हो पा रहा है तो उसके कार्य दायित्व अन्य कर्मचारी को दिया जाए सभी जगह जिससे कार्य सुचारू रूप से संचालित हो सके। उन्होंने बताया कि यह स्पष्ट निर्देश दिये गए हैं कि कोविड 19 के प्रोटोकॉल का पालन करते हुए ही अत्यंत सावधानी से कार्यस्थल पर कार्य किया जाए कहीं भी सावधानी बरतने में कोई लापरवाही न बरती जावे। कहीं भी कोविड 19 के संक्रमण को देखते हुए डर और भ्रम की स्थिती न बने, और ना ही कहीं मनरेगा श्रमिकों को किसी तरह का कोई खतरा हो इन सब बातों का ध्यान रखकर मैदानी स्तर पर व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।जिला पंचायत सीईओ ने बताया कि जल्द ही ज़िले की टीम द्वारा पिछले वर्ष की भांति सभी पंचायत में मनरेगा के प्रगतिशील कार्यों की सतत निगरानी करने के लिए भेजी जाएगी जो निरीक्षण के साथ ही श्रमिकों में जागरूकता फैलाने के लिए भी कार्य करेगी।

error: Content is protected !!