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आपातकालीन परिस्थिति में तीन माह तक ₹10000 प्रति परिवार दे भूपेश सरकार – प्रकाशपुन्ज पाण्डेय

रायपुर / समाजसेवी और राजनीतिक विश्लेषक प्रकाशपुन्ज पाण्डेय की ने मौजूदा कोरोना महामारी के गंभीर संकट को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार से अपील की है कि छत्तीसगढ़ में रहने वाले प्रत्येक परिवार को कम से कम ₹10 हजार रुपयों की सहायता राशि दी जाए। पिछले एक साल से अधिक समय से देश कोरोना महामारी के संकट से जूझ रहा है। देशव्यापी लॉकडाउन के कारण पहले ही प्रति व्यक्ति आय पर बहुत फर्क पड़ा है। कोरोना की महामारी का असर लोगों के व्यापार और जीविका पर भी पड़ा है। वित्त वर्ष 2021 में देश में प्रति व्यक्ति आय (Per Capita Income) 5.4 फीसदी से घटकर 1.43 लाख रुपए पर आ सकती है। यह जीडीपी में 3.8 फीसदी गिरावट के अनुमान से ज्यादा है। वास्तविक आधार पर (2011-12 के मूल्य) पर प्रति व्यक्ति आय 2020-21 में 85,929 रुपए रहने का अनुमान है जो 2019-20 में 94,566 रुपए थी। यह 9.1 प्रतिशत की गिरावट को बताता है जबकि इससे पूर्व वित्त वर्ष में इसमें 2.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी। बाजार मूल्य पर प्रति व्यक्ति आय 2020-21 में 1,27,768 रुपए रही।

छत्तीसगढ़ ने भी पिछले साल 2020 से समय-समय पर लॉकडाउन के दंश झेले हैं। अभी मौजूदा समय में भी 9 अप्रैल से छत्तीसगढ़ में लॉकडाउन लगा हुआ है। न खाने को पर्याप्त खाना नसीब हो रहा है और ना ही आय के साधन ही उपलब्ध हैं। लॉकडाउन के कारण नौकरी, व्यापार और छत्तीसगढ़ की जनता का जीविकोपार्जन बंद हैं। अब नौबत आ गई है कि लोगों के पास खाने की कमी है, आय बंद होने से पैसे का अभाव है। ऊपर से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए जो जमा पूंजी है वो भी खत्म हो गई है। लॉकडाउन में कालाबाजारी ने अलग से जनता को हलाकान कर रखा है। अब जरा सोचिए कि मध्यम वर्ग, कमजोर व गरीब वर्ग और दिहाड़ी मजदूरों की क्या स्थिति होगी। समय-समय पर लॉकडाउन लगने से वैसे ही प्रति व्यक्ति आय में गिरावट आई है। ऊपर से जनता टैक्स भी भर ही रही है।

प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने सुझाव दिया कि ऐसी परिस्थिति में अगर छत्तीसगढ़ की कांग्रेस की भूपेश सरकार से जनहित में अपील की है कि छत्तीसगढ़ सरकार कम से कम तीन महीनों तक टैक्स माफ कर दे, आवश्यक वस्तुओं के दामों पर सरकारी नियंत्रण करे, जनता की लोन की ईएमआई माफ करवाए और प्रत्येक परिवार को अप्रैल, मई और जून, इन तीन महीने 10 हजार रुपए प्रतिमाह सहायता राशि के रूप में आवंटित करे। ऐसे समय में ये काम जनता के लिए संजीवनी साबित होंगे। पहले से ही स्वास्थ्य सुविधाओं की अव्यवस्था को लेकर सरकार की बहुत बदनामी हुई है। लेकिन अगर भूपेश सरकार मेरे ये सुझाव मान ले तो छत्तीसगढ़ की जनता के दिल में एक अमिट छवि बन जाएगी।

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