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आदिवासी समाज की संस्कृति एवं पर्वों के संरक्षण के लिये राज्य सरकार कटिबद्ध : CM भूपेश बघेल

मुख्यमंत्री ने आदिवासी समाज की संस्कृति और पर्वों के संरक्षण के लिए की बड़ी घोषणा

बस्तर-सरगुजा संभाग और प्रदेश के अनुसूचित क्षेत्रों में प्रत्येक ग्राम पंचायत को आदिवासी पर्वों के बेहतर आयोजन के लिए हर साल दिए जाएंगे 10 हजार रूपए

मुख्यमंत्री आदिवासी पर्व सम्मान निधि के तहत मड़ई, दियारी, माटी पूजन, सरहुल, कर्मा के आयोजन के लिए मिलेगी राशि

रायपुर / मुख्यमंत्री श्री बघेल ने आज 74वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद आदिवासी समाज की संस्कृति और पर्वों के संरक्षण के लिए बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के आदिवासी समाज की संस्कृति एवं पर्वों के संरक्षण के लिये राज्य सरकार कटिबद्ध रही है। आगामी वित्तीय वर्ष से बस्तर संभाग, सरगुजा संभाग और प्रदेश के अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासी समाज के पर्वों के बेहतर आयोजन के लिये मुख्यमंत्री आदिवासी पर्व सम्मान निधि के तहत प्रतिवर्ष प्रत्येक ग्राम पंचायत को 10 हजार रूपये प्रदान करने की घोषणा की। इसके तहत प्रदेश में आदिवासी समाज के मड़ई, दियारी, माटी पूजन, सरहुल, कर्मा त्यौहारों जैसे अन्य महत्वपूर्ण अवसरों पर सम्मान निधि प्रदान की जाएगी।

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