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‘पहले ईमान बेचा और अब इंडिया ऑन सेल’, राहुल गांधी

दिल्ली / कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट कर केंद्र पर भारत को बेचने के आरोप लगाया है. उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि, ”सबसे पहले ईमान बेचा और अब…#IndiaOnSale.”

इससे पहले राहुल गांधी ने कहा था कि , ”पिछले 70 सालों में इस देश ने जो कुछ बनाया है, वह दिया जा रहा है. उनके पास एक बहाना है कि हम इन्हें पट्टे पर दे रहे हैं.’ सरकार ने स्पष्ट रूप से अर्थव्यवस्था को गलत तरीके से संभाला और नहीं जानती कि क्या करना है. उन्होंने (सरकार) मूल रूप से यूपीए द्वारा बनाई गई चीजों को नष्ट कर दिया है और अब अंतिम उपाय के रूप में, वे वह सब कुछ बेच रहे हैं जो हमने बनाने में मदद की थी. मेरे लिए यह एक बहुत बड़ी त्रासदी है.”

वहीं निजीकरण को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा, हमने किसी विशेष क्षेत्र में निजी क्षेत्र के एकाधिकार को रोकने की क्षमता वाले सरकारी उद्यमों का निजीकरण नहीं किया. ‘हम निजीकरण के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन हमारी निजीकरण योजना का कुछ मतलब था. हमने रणनीतिक उद्योगों का निजीकरण नहीं किया और हम रेलवे को रणनीतिक उद्योग मानते हैं क्योंकि यह लाखों और करोड़ों लोगों को परिवहन करता है और बहुत से लोगों को रोजगार भी देता है.’ हमने लंबे समय से घाटे में चल रहे उद्योगों का निजीकरण किया. हमने उन कंपनियों का निजीकरण किया जिनकी बाजार हिस्सेदारी न्यूनतम थी.

नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन योजना क्या है– केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन योजना लॉन्च की. इसके तहत कई क्षेत्रों की सरकारी संपत्तियों में हिस्सेदारी बेचकर या संपत्ति को लीज पर देकर कुल 6 लाख करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य है. वित्त मंत्रालय ने सोमवार को इसका पूरा खाका पेश करते हुए बताया कि लीज पर देने की प्रक्रिया 4 साल, यानी कि 2025 तक चलेगी. निर्मला ने कहा कि जिन रोड, रेलवे स्टेशन या एयरपोर्ट्स को लीज पर दिया जाएगा, उनका मालिकाना हक सरकार के पास ही रहेगा. वहीं, लीज एक तय की गई समयसीमा के लिए होगी. उसके बाद सारा इन्फ्रास्ट्रक्चर सरकार के पास वापस आ जाएगा.

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