रायपुर। छत्तीसगढ़ में चिटफंड कंपनियों के झांसे में फंसे लाखों निवेशकों के लिए राहत की उम्मीद जगी है। राज्य सरकार ने सहारा इंडिया, पर्ल्स, एग्रो टेक, ब्लू चिप, आर्यन एंड कंपनी सहित कई चिटफंड कंपनियों की 200 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां कुर्क की हैं। हालांकि विभिन्न न्यायालयों में लंबित मामलों और स्टे आदेशों के कारण इन संपत्तियों की नीलामी अब तक नहीं हो सकी है।
जानकारी के अनुसार पिछले 15 वर्षों में प्रदेश के 30 लाख से अधिक निवेशक चिटफंड कंपनियों के झांसे में आए और उनकी 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि फंस गई। अब तक केवल 98 करोड़ रुपये की राशि ही निवेशकों को वापस लौटाई जा सकी है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 220 से अधिक चिटफंड कंपनियों के खिलाफ प्रदेशभर में 490 एफआईआर दर्ज की गई हैं। कुर्क संपत्तियों में सबसे अधिक मूल्य की संपत्ति सहारा इंडिया की बताई जा रही है, जिसकी कीमत लगभग 800 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसके अलावा आर्यन एंड कंपनी की 120 करोड़, पर्ल्स एग्रोटेक की 110 करोड़, एग्रो टेक की 100 करोड़, श्रीजी निवेश की 70 करोड़ और ब्लू चिप इंडिया की 46 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क की गई हैं।
सरकार अब अदालतों में लगे स्टे हटवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी कर रही है। साथ ही सभी मामलों की सुनवाई एक ही अदालत में कराने का प्रस्ताव भी तैयार किया जा रहा है, ताकि कानूनी प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।
सूत्र अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही संपत्तियों की नीलामी शुरू होगी, निवेशकों को उनकी जमा राशि लौटाने की प्रक्रिया भी तेज हो जाएगी।
