पूर्ण शराबबंदी भूपेश बघेल के इस कदम की काफी सराहना की जा रही है, महिलाएं बेहद खुश हैं. हालांकि इस फैसले पर ये कहना मुश्किल है कि ये पाबंदी कितने दिनों तक रह पाएगी.
रायपुर / गुलाल / होली विशेषांक / छत्तीसगढ़ में पूर्ण शराबबंदी की घोषणा एक ऐतिहासिक फैसला है. आगामी 1 अप्रैल को छत्तीसगढ़ सरकार के इस निर्णय के बाद से शहरी और देहाती इलाके में सभी तरह के शराबों की बिक्री पर पाबंदी लग जाएगी.
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के इस कदम की काफी सराहना की जा रही है. जाहिर तौर पर सराहना की वजह भी है. शराब के चलते सैकड़ों परिवार बर्बाद हो रहे हैं. महिलाओं को ज्यादा परेशानियां थीं. शराबियों के आतंक से महिलाएं घर और बाहर आतंकित रहती थीं. गरीब परिवार आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे थे. लिहाजा, सरकार के इस फैसले का सबसे ज्यादा तारीफ महिलाएं ही कर रही हैं.
गौरतलब है कि महिलाओं की मांग पर ही राज्य में शराबबंदी लागू की गई है. विगत काफी समय से ही प्रदेश में महिलाओं ने शराबबंदी का मुददा उठाया था. तब भूपेश बघेल महिलाओं को आश्वस्त किया था कि नई सरकार गठन के बाद शराबबंदी लागू कर दी जाएगी. सरकार गठन के कुछ दिन बाद से ही शराबबंदी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई साथ ही बकायदा इसके लिए टीम भी गठित की गई थी और अब इसे लागू कर दिया गया है.
हालांकि राज्य सरकार ने पहले चरण में देसी और दूसरे चरण में विदेशी शराब पर पाबंदी का फैसला लिया था. लेकिन विपक्षी दल इसे सस्ती लोकप्रियता करार दे रहे थे. यहीं वजह है की आश्चर्यजनक रूप से इसे अचानक फैसला लेते हुए पूर्ण शराबबंदी की घोषणा कर दी गई हैं और अब इसका विपक्षी दलों ने भी स्वागत किया.
