मध्य प्रदेश के बड़वानी में नर्मदा बचाओ अभियान से जुड़ीं मेधा पाटकर समेत 12 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है। सभी पर नर्मदा नवनिर्माण अभियान एनजीओ को मिले 13.5 करोड़ रुपए के गबन करने का आरोप है। FIR में शिक्षा और जनजातीय बच्चों के नाम पर जुटाए गए फंड का देश विरोधी गतिविधियों में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया है।
पुलिस में दर्ज मामले में आरोप लगाया है कि नर्मदा नवनिर्माण अभियान से जुड़े एनजीओ ने वर्ष 2007 से 2022 के बीच आदिवासी बच्चों की शिक्षा और अन्य सामाजिक कार्यों के नाम पर 13.5 करोड़ रुपए से अधिक की राशि जुटाई थी। पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला ने बताया कि राजपुर थाना क्षेत्र के टेमला की निवासी प्रीतम राज की शिकायत पर यह मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों में मेधा पाटकर के अलावा परवीन समी जहांगीर, विजया चौहान और संजय जोशी भी शामिल हैं। आरोप है कि करीब 14 वर्षों में एनजीओ ने जितनी धनराशि जमा की, उतनी ही धनराशि खर्च भी की, मगर न तो इस धन का स्रोत बताया गया और न ही इसके खर्च का ब्योरा दिया गया। पुलिस प्राथमिकी में पाटकर पर 6,000 रुपए की वार्षिक आय दिखाकर अदालत को गुमराह करने का भी आरोप है। जबकि, उनके बचत खाते से 19 लाख रुपए की वसूली की गई है।
इस बीच, मेधा पाटकर समेत अन्य कार्यकर्ताओं ने खुद पर लगे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि पुलिस की ओर से उन्हें इस संबंध में कोई आधिकारिक नोटिस नहीं मिला है। मेधा पाटकर ने कहा, ‘हम हर आरोप का जवाब देने के लिए तैयार हैं। हमारे पास वित्तीय स्थिति के संबंध में ऑडिट रिपोर्ट उपलब्ध है। हम विदेशी धन स्वीकार नहीं करते हैं और हमेशा अपने बैंक खातों का ऑडिट करते हैं।’
